प्रार्थना पत्र में की यह मांग
पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का कहना है कि मेरे शस्त्र लाइसेंस किसान आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन ने निलंबित करके थाने में जमा कराए हैं। मेरे पास कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं है। यह मामला अति गंभीर है। जिस नंबर से मैसेज आया था। उसके बारे में एसपी को व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजकर अवगत कराया है। मैंने कॉल की थी पर बात नहीं हो सकी। हालांकि कॉल किए जाने के बाद मेरे पास सीओ का फोन आया था। सीओ ने पूछा था कि किससे दुश्मनी है। मैंने यही कहा है कि राजनीतिक व्यक्ति के समर्थक और विरोधी दोनों होते हैं। ऐसे में पुलिस सही अपराधी को ट्रेस करे।
एसपी ने दिए जांच के आदेश
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी का कहना है कि मैंने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।