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धान की सरकारी खरीद का हाल- दावा 27 घंटे का पर भुगतान 15 दिन में भी किसान के हाथ नहीं आया

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पीलीभीत। बेशक किसानों को आमदनी दोगुनी करने का सपना दिखाया गया था लेकिन यह साकार अभी तक तो नहीं हुआ। वर्ष 2022 तक सपना साकार होने की उम्मीद भी नहीं लग रही है क्योंकि बाढ़ और महंगाई की मार से तबाह हुए किसान के सामने मौके पर हकीकत में हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले तमाम किसानों को अपना ही भुगतान नहीं मिल सका है।
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धान की सरकारी खरीद के 72 घंटे की अवधि में भुगतान कर दिए जाने का सरकारी दावा खरीद सीजन के पहले ही महीने फेल हो गया है। भुगतान के लिए किसान 10 से 15 दिन से किसान इंतजार कर रहे हैं। अब तक कुल 29 करोड़ 77 लाख 44 हजार रुपये का धान खरीदा गया। इसमें चार करोड़ 29 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कुल 24 करोड़ 78 लाख 44 हजार रुपये बकाया है। दिवाली का त्योहार सिर पर है। तैयारी शुरू हो गई है पर धान बेचने के बाद भी किसान की जेब खाली है। अगर यही हाल रहा तो धनतेरस और दिवाली की खरीद कब करेंगे।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत जिले में छह सरकारी एजेंसियां धान की खरीद कर रही हैं लेकिन एफसीआई ने एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया है। चार क्रय केंद्रों पर धान खरीदा जा रहा है। खाद्य एवं रसद विभाग के डिप्टी आरएमओ ज्ञानचंद वर्मा का कहना है कि क्रय एजेंसियों के साथ हर रोज भुगतान की समीक्षा की जा रही है। नोडल अधिकारी के रूप में अपर जिलाधिकारी ने क्रय एजेंसियों के जिला प्रभारियों से भुगतान में शीघ्रता करने के लिए कहा है।
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क्रय एजेंसियों को अपने मुख्यालय से समय पर भुगतान के लिए धन नहीं मिल सका। इसके चलते देरी हुई। फिर भी शुरू जितना भुगतान आ रहा है, उसे तत्काल किसानों के खाते मेें भेजा जा रहा है।
- देवेंद्र प्रताप मिश्र, धान की खरीद के नोडल अधिकारी
छह क्रय एजेंसियां हैं। एफसीआई से एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया है। पांच क्रय एजेंसियों ने भुगतान किया है। सभी क्रय एजेंसियों से भुगतान कराने का प्रयास चल रहा है।
- ज्ञानचंद वर्मा, डिप्टी आरएमओ
29 करोड़ 77 लाख 44 हजार रुपये का धान खरीदा
04 करोड़ 29 लाख रुपये भुगतान किया
24 करोड़ 78 लाख 44 हजार रुपये बकाया
आमदनी दोगुनी करने का सवाल तो बाद की बात है। यहां अपना ही भुगतान नहीं मिल रहा है। पूरनपुर मंडी में लगे यूपीएसएस प्रथम धान खरीद केंद्र पर नौ अक्तूबर को 50 क्विंटल धान की बिक्री की। मगर अब तक भुगतान खाते में नहीं आया। खरीद केंद्र प्रभारी भुगतान शीघ्र खाते में पहुंचने की जानकारी दे रहे हैं।
- अमरीक सिंह, मुरादपुर।
पिता लखविंदर सिंह के नाम 43 क्विंटल धान नौ अक्तूबर को पूरनपुर मंडी समिति के यूपीएसएस प्रथम खरीद केंद्र पर बिक्री किया था। मुझसे बाद में धान बिक्री करने वालों का भुगतान खातों में आ गया। मगर हमारा भुगतान अब तक खाते में नहीं आया है। भुगतान शीघ्र न पहुंचने पर दिवाली फीकी रहेगी।
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- रवप्रीत सिंह, मुरादपुर।
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