पीलीभीत। असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने का आरोप लगानेे वाली छात्रा का कहना है कि न्याय के लिए वह आखिरी तक लड़ेगी।
छात्रा ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने मेरे साथ जैसा किया, वैसा ही कई और छात्राओं के साथ किया है लेकिन वे डर की वजह से आवाज नहीं उठा पाईं जिन छात्राओं ने आवाज उठाने का साहस किया था उन छात्राओं को प्रोफेसर की ओर से बदनाम करने डर दिखाया गया था। प्रोफेसर के मामले को रफा दफा कराने के लिए एक छात्रा भी उसका साथ दे रही थी। इस छात्रा ने 20 नवंबर को मुझे फोन किया और इज्जत उछलने का हवाला देकर डराया था लेकिन डब मैंने पूरा घटनाक्रम अपने पिता और रिश्ते के भाई को बताया तो दोनों हौसला बढ़ाया। मुझसे कहा कि न्याय के लिए लड़ना चाहिए। तभी वह पुलिस तक पहुंच सकी। वरना तो दुष्कर्म के बाद भी चुप रह जाती। अब वह न केवल अपने लिए बल्कि दूसरी पीड़ित छात्राओं के लिए भी आगे बढ़कर लडे़गी ताकि सबको न्याय मिल सके।
रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद मैं रिश्तेदारी में गई थी। अब मैं वापस पीलीभीत आई हूं और मैंने शुक्रवार को दोपहर अपनी अधिवक्ता से सलाह ली और इसके उपरांत जिला अस्पताल जाकर चिकित्सकीय जांच कराई। अब मैं अदालत में अपने बयान दर्ज कराऊंगी ताकि दुष्कर्म करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर को सजा मिल सके।
छात्रा का बयान