पीलीभीत। कोरोना महामारी के कारण करीब 11 महीने से बंद चल रहे सरकारी और निजी प्राइमरी स्कूलों में सोमवार से फिर कक्षाएं गुलजार होंगी। लंबे समय बाद स्कूल आ रहे बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए उत्सव के रूप में इसे मनाया जाएगा। स्कूलों को गुब्बारों और रंगोली से सजाया जाएगा। निजी स्कूल के प्रबंधकों ने भी तैयारियां पूरी करते हुए कोविड प्रोटोकॉल के साथ क्लास लगने की बात कह रहे हैं। कुछ अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी में है, तो कुछ अभी भी असमंजस हैं।
शासन के निर्देश पर सरकारी और निजी प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक की कक्षाएं सोमवार से संचालित की जाएंगी। सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने से लेकर हर चीजों की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। गाइडलाइन के मुताबिक प्रत्येक कक्षा में छात्रों की कुल क्षमता की 50 फीसदी उपस्थिति पहले दिन रहेगी। शेष 50 फीसदी की उपस्थिति दूसरी शिफ्ट में रहेगी। स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि अभिभावकों से अनुमति के बाद ही बच्चों का स्कूल में प्रवेश हो सकेगा। कई अभिभावकों ने तो स्कूलों को पहले ही सहमति पत्र दे दिया है। वहीं कुछ अभिभावक अभी भी असमंजस में हैं। स्कूलों में रविवार को सैनिटाइजेशन के साथ सीट प्लान भी तैयार किया गया है। ताकि सोमवार को किसी प्रकार कोई दिक्कत न होने पाएं। वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा है। प्रेरणा ज्ञानोत्सव अभियान के तहत एक किताब तैयार कर स्कूलों में भेजी गई है, इसमें उपचारात्मक शिक्षण के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। विद्यार्थियों के ज्ञान के स्तर को इसकी मदद से बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बच्चों के छोटे छोटे समूह बनाकर कोविड-19 महामारी के अनुभवों को कहानी के रूप में प्रस्तुत कराया जाएगा।
शासन के निर्देश के बाद ही पांचवीं तक के विद्यालय खुलने जा रहे हैं। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ही क्लास शुरू करें। समय-समय स्कूलों औचक निरीक्षण व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया जाएगा। - चंद्रकेश सिंह, बीएसए