नगर पालिका परिषद की बोर्ड मीटिंग में अपनी बात रखते सभासद। संवाद
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पीलीभीत। नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक में कई प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसमें दुकानों के किरायानामा और एकता सरोवर के ठेके की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ। ईओ ने कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने के लिए संपत्ति बेचने का प्रस्ताव रखा। इस पर बोर्ड सदस्यों ने हंगामा कर प्रस्ताव खारिज कर दिया। होली पर सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई।
पीलीभीत नगरपालिका परिषद सभागार में शाम तीन बजे बोर्ड की बैठक अध्यक्ष विमला जायसवाल की अध्यक्षता में शुरू हुई। इसके बाद नगरपालिका की दुकानों के किराएदारों को लेकर चर्चा हुई। इसमें दुकानों के किराएदार को लेकर कहा गया दुकानों में साझेदारी दिखाकर दूसरे नाम पर अनुबंध करा लिया जाता है। इससे नगरपालिका को काफी नुकसान होता था। अब प्रस्ताव पास करते हुए कहा गया कि साझेदारी कम से कम 25 साल पुरानी हो। जिस पर विचार किया जा सके। इसके अलावा किराएदार के वारिस को ही दुकान का अनुबंध किया जाएगा। इस पर सभी सभासदों ने सहमति दे दी। इसके बाद एकता सरोवर के ठेके की अवधि तीन साल की थी। प्रस्ताव में पास करते हुए पांच साल कर दी।
इसके बाद ईओ सुरेंद्र प्रताप ने कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर प्रस्ताव रखा। जिसमें कहा कि कर्मचारियों का पांच करोड़ बकाया है और नगरपालिका के पास पैसा नहीं है। बकाया भुगतान को लेकर नगरपालिका की पांच करोड़ की संपत्ति बेचकर कर्मचारियों का भुगतान कर दिया जाए। इस पर सभासद पुष्पा उपाध्याय ने हंगामा करते हुए कहा कि सांसद और विधायक के जरिए कर्मचारियों का भुगतान कराया जाए। नगरपालिका की संपत्ति नहीं बिकने दी जाएगी। उनका सदन में बैठे सभी सभासदों ने साथ दिया। इस पर वह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। सभासद अतुल गोयल ने शहर की सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि इन दिनों शहर में गैस की पाइप लाइन कार्यदायी संस्था डाल रही है। नगरपालिका ने अनुमति किस आधार पर दी। इस पर ईओ बताया कि तीन करोड़ की जमानत राशि जमा कराने के बाद अनुमति दी है। अगर कार्यदायी संस्था सड़कों की मरम्मत नही कराती, तो इसी धनराशि से सड़क दुरुस्त कराई जाएगी। सभासद संजीव सक्सेना ने होली पर सफाई और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने का प्रस्ताव रखा। इस पर सभी ने मंजूरी दे दी। करीब सवा चार बजे पालिका अध्यक्ष ने सभी को होली की शुभकामनाएं देकर बैठक समाप्त करने की घोषणा कर दी।