पीलीभीत। जिले के एक मात्र स्टेडियम में बारिश से जलभराव हो गया। चार दिन से खेल का अभ्यास बंद है। यह स्थिति पहली बार नहीं हुई। चार वर्ष से लगातार बारिश के दिनों में पानी भर जाता है। खेल नहीं हो पाते हैं। खिलाड़ी निराश होकर घर लौट जाते हैं। जिम्मेदारों अगर ध्यान दिया होता तो अब तक समस्या का समाधान हो जाता।
गांधी स्टेडियम में खेल का अभ्यास बंद होने से फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, एथलेक्टिस के 100 से अधिक खिलाड़ी प्रभावित हुए है। क्रिकेट की सिंथेटिक पिच पानी में डूब गई है। दौड़ के ट्रैक पर पानी ही पानी दिख रहा है। खिलाड़ी सुबह शाम अभ्यास करने के लिए आते थे, लेकिन दो जुलाई से बारिश का पानी भरा हुआ है और खेल का अभ्यास करना मुश्किल हो गया है। कुछ खिलाड़ी आते हैं और मुख्य भवन के बरामदे में कुछ देर फिजिकल फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करके लौट जाते हैं। आखिर ऐसा कब तक चलेगा? क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि चार वर्ष पहले जब उन्होंने ज्वाइन किया था तभी से वह देख रहे हैं कि हर वर्ष बारिश के दिनों में जलभराव हो जाता है। बारिश थमती है, पानी जब सूख जाता है तो मैदान को ठीक कराने के बाद खेल शुरू होते हैं।
क्यों हो रहा है जल भराव
क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि इस वर्ष ज्यादा जलभराव हुआ है, क्योंकि आसपास जहां पानी निकलता था वहां तमाम मकान बन गए। जल निकासी का सिस्टम फेल हुआ है। बताया कि वर्ष 2021 में जल निकासी का प्रस्ताव नगर पालिका ने तैयार किया था। उसके अमल पर 8-9 लाख रुपये खर्च करने थे, लेकिन न धन मिला और न ही काम शुरू हुआ। अब नए सिरे से इस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। इसमें स्टेडियम में मिट्टी भराव और जल निकाली के इंतजाम शामिल किए हैं। पहले नगर पालिका ने इस्टीमट बनाया था अब उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ से इस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। मंजूरी के लिए खेल निदेशालाय भेजा जाएगा।
इस वर्ष नहीं हो पाएगा समाधान
खेल में कोई पदक मिले या न मिले...? जिम्मेदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन जो खिलाड़ी नियमित अभ्यास से पदक जीतने का सपना देख रहे थे उनकी उम्मीदों को जल भराव से झटका लगा है। क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि इस वर्ष तो इसी तरह से झेलना पड़ेगा क्योंकि अभी तो नए सिरे से इस्टीमेट बनवाया जा रहा है। अगर धन मिलता है तो वर्ष 2023 में समस्या का समाधान हो जाएगा।
बारिश से 45 दिन प्रभावित होता है अभ्यास
बारिश के मौसम में करीब 45 दिन खेल की प्रैक्टिस बंद रहती है। एथलीट ज्योति सागर ने बताया कि तीन दिन से अभ्यास बंद है। खिलाड़ी मैदान में पानी देखकर लौट जाते हैं। एथलीट आलोक का कहना है कि मैदान के किनारे पानी नहीं है। इसलिए वह किनारे में दौड़ लगा लेते हैं लेकिन अधिकतर खिलाड़ी जल भराव की वजह से मैदान में नहीं पहुंच रहे हैं। आमतौर पर डेढ़ महीने अभ्यास बंद रहता है। अगर जिम्मेदार ध्यान दें तो इस समस्या का समाधान जल्दी निकलेगा।
फुटबॉल का मैच नहीं हो सका
फुटबॉल के खिलाड़ी ऋतिक गंगवार का कहना है कि एक महीने के प्रशिक्षण के बाद 30 जून और 01 जुलाई को फुटबॉल का मैच होना था, लेकिन मैदान में जलभराव होने की वजह से मैच नहीं हो सका। इससे बड़ी निराशा हुई। उनका कहना है कि जल भराव से प्रत्येक खिलाड़ी को दिक्कत है।