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कुल शरीफ के साथ शाहजी बाबा का उर्स संपन्न, दुआ को उठे हजारों हाथ

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शाहजी मियां की दरगाह में कुल शरीफ के दौरान मौजूद भीड़। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। हजरत अलहाज शाहजी मोहम्मद शेर मियां के उर्से पाक के कुल शरीफ में मंगलवार को अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। दरगाह शरीफ से मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया गया। सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने मुल्क में अमन चैन व तरक्की के लिए दुआ फरमाई। अकीदतमंदों की भीड़ से दूर-दूर तक रास्ते जाम रहे।
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बाहर से आने वाले जायरीन रात को ही दरगाह की की पहुंचने लगे थे। चप्पे-चप्पे पर शाहजी बाबा मुरीदों का सैलाब दिखाई दिया। सज्जादानसीन की सरपस्ती में सुबह कुल शरीफ की महफिल का आगाज किया गया। महफिल में तकरीरों से समा बांधा गया। करीब दस बजे कुल शरीफ की रस्म शुरू हुई। दरबार-ए-शेरिया के सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने कहा कि शाहजी बाबा को दुनिया से पर्दा किए 119 साल हो गए हैं। हम खुशनसीब हैं जो हमें शाहजी बाबा का 119वां उर्स मनाने की अल्लाह ने तौफीक दी। कुराने पाक की तिलावत के बाद शाहजी मियां का शिजरा पढ़ा गया। सज्जादानशीन ने कौम और मिल्लत के लिए दुआ की।
कुल शरीफ से पहले ही खचाखच भरी सड़कें
दरबार-ए-शेरिया की ओर जाने वाले सभी रास्ते कुल शरीफ शुरू होने से पहले ही खचाखच भर गए। तिल रखने तक की कहीं जगह नहीं रही। कुलशरीफ शुरू होते ही जिसे जहां तक पहुंच मिला वह वहीं ठहर गया।
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जगह-जगह हुई कुल की रस्म
उर्से पाक के मौके पर शहर की गली गली में शाहजी बाबा के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। मोहल्ला भूरे खां, अशरफ खां, मुनीर खां, कबीरखां, मोहम्मद वासिल, शेरमोहम्मद, खुदागंज में लंगर हुए।
ट्रेनें और बसें भी रहीं फुल
कुल शरीफ में शिरकत करने आए जायरीन के सैलाब से रोडवेज और ट्रेनों में भारी भीड़ रही। ट्रेनों और बसों में जगह पाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुल शरीफ की रस्म होने के बाद शहर की सड़कों पर सैलाब दिखाई।

शाहजी मिया की दरगाह पर कुल शरीफ की रस्म अदायगी।- फोटो : PILIBHIT

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