पीलीभीत। आईपीएल मैच शुरू होते ही सट्टेबाजों का खेल भी शुरू हो गया। छह सट्टेबाज सोमवार रात को आईपीएल मैच में सट्टा लगाते पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनके पास से पांच मोबाइल, पर्चियां और रुपये मिले हैं। वे मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों से संपर्क करके मैच में रुपये लगवा रहे थे।
सोमवार रात करीब पौने 11 बजे कोतवाली पुलिस ने एक मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला मदीना शाह में एक बंद मकान पर छापा मारा। यहां छह लोग मोबाइल पर सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। इनमें मदीनाशाह के रोहित कुमार कोरी, केदारनाथ, हरिराम कश्यप और सुदेश कुमार मोहल्ला तखान, सलीम निवासी मोहल्ला शेर मोहम्मद, बाबूराम मोहल्ला शिवनगर कॉलोनी शामिल हैं। इनके पास से 6850 रुपये और पांच मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची, डायरी पेन बरामद किए गए। टीम का नेतृत्व कर रहे ठेेका चौकी प्रभारी निर्देश कुमार चौहान ने बताया कि छह लोगों को सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपियों का मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया है।
चौके पर सौ और छक्के पर डेढ़ सौ का भाव
चौके पर सौ और छक्के पर डेढ़ सौ के भाव से सट्टा लगाया जा रहा था। आउट होने पर भाव 300 से 500 रुपये तक चल रहा था। पुलिस ने जब इनसे पूछताछ की तो कई बातें सामने आईं। यह लोग मोबाइल के माध्यम से लोगों से संपर्क करके सट्टा लगवा रहे थे। ये लोग आपस में भी गेंद और विकेट पर सट्टा लगा रहे थे।
ये तो हैं छोटी मछली, बुकी लगवाते हैं लाखों का दांव
आईपीएल में बड़े स्तर पर भी सट्टेबाजी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है जहां लाखों के दांव लगवाए जाते हैं। जानकारों के अनुसार कुछ बाहरी लोग शहर में बुकी नियुक्त करते हैं। उनके पास एक बॉक्स होता है जिसमें कुछ नंबर दिए गए होते हैं। बोली इन्हीं नंबरों के अनुसार लगती है। एक मोबाइल एप्लीकेेशन भी है जिस पर मैच का लाइव स्कोर चलता रहता है। इस बॉक्स में हर बॉल, रन, विकेट, मैच के रिजल्ट पर एक हजार से लेकर एक लाख तक का दांव लगाया जाता है। जानकारी के मुताबिक शहर में तीन बुकी सक्रिय हैं जो आईपीएल के हर मैच पर सट्टा लगवा रहे हैं। इसमें सिर्फ शहर ही नहीं बल्कि कस्बे के लोग भी जुड़े हैं। व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से भी बोली लगाई जाती है। इन बोली का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाता है।
ऑनलाइन गेमिंग मोबाइल एप ने बढ़ाया मैच में पैसा लगाने का चस्का
कुछ समय से ऑनलाइन गेमिंग के कई मोबाइल एप्लीकेशन आ गए हैं। इन एप्लीकेशन पर टीम बनाकर मैच खिलवाया जाता है। पिछले साल कर्नाटक में इस तरह के कुछ एप पर हाईकोर्ट ने प्रतिबंध भी लगाया था। इन एप्लीकेशन पर करोड़ों रुपये जीतने के सपने दिखाए जाते हैं। मेगा टीम के नाम पर 49 रुपये की एंट्री ली जाती है। इसके अलावा हेड टू हेड में 10 हजार रुपये तक की एंट्री ली जाती है। इस ऑनलाइन जुुए के चंगुल में सबसे ज्यादा युवा फंस रहे हैं।