तीन विक्रेताओं को पीओएस मशीनें जमा करने को कहा
पांच समितियों की भी जांच शुरू, नहीं दे सके दस्तावेज
पीलीभीत। खरीफ की फसलों में अप्रैल से अगस्त के बीच मानकों से अधिक डीएपी बेचने के मामले में पांच सहकारी समितियों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। तीन विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र निरस्त करते हुए उन्हें पीओएस मशीन कार्यालय में जमा कराने के आदेश जारी किए गए हैं। इसमें एक कृभको समिति और इफको बाजार पूरनपुर भी शामिल है।
जिले में टॉप 20 डीएपी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा अप्रैल से अगस्त के बीच की गई डीएपी बिक्री का रिकॉर्ड निकाला गया तो नौ विक्रेता ऐसे मिले जहां मानकों से ज्यादा डीएपी की बिक्री की गई थी। इसमें पांच सहकारी समितियां, एक निजी उर्वरक विक्रेता, एक औधानिक उत्पादन विपरण सहकारी समिति इंद्रानगर, एक कृभको केंद्र पूरनपुर और इफको ई-बाजार पूरनपुर के नाम सामने आए।
जिला कृषि अधिकारी ने सभी को नोटिस जारी किए। सभी ने अपना स्पष्टीकरण दिया। पांच समितियों द्वारा बिक्री के सही दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद एआर कोऑपरेटिव वीर विक्रम को इन समितियों की जांच कर कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा गया है। वहीं जिला कृषि अधिकारी ने मैसर्स पीलीभीत खाद निगम मंडी समिति, मैसर्स इंद्रानगर औधानिक उत्पादन विपरण सहकारी समिति इंद्रानगर और मैसर्स इफको ई-बाजार पूरनपुर का प्राधिकार पत्र निरस्त करते हुए पीओएस मशीनें कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं कि विक्रेता और सहकारी समितियां बिना खतौनी या जमीन की संस्तुति के बगैर किसी को उर्वरक नहीं बेचेंगे।
मानकों से ज्यादा डीएपी बेचने पर और बिक्री के सही रिकॉर्ड न देने पर मैसर्स पीलीभीत खाद, मैसर्स इंद्रानगर औधानिक उत्पादन विपरण सहकारी समिति और मैसर्स इफको ई-बाजार पूरनपुर के प्राधिकार पत्र निरस्त करते हुए पीओएस मशीनें जमा करने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी