पीलीभीत। आंदोलन को बदनाम करने के लिए भिंडरवाला की टी-शर्ट वाले युवक भीड़ में घुसाए गए। इसके पीछे सरकार हो सकती है। यह आरोप उन किसान नेताओं ने लगाया है जो लखीमपुर खीरी से लौटकर आए हैं। इन नेताओं ने कहा कि आंदोलन को बदनाम करने वालों से सतर्क रहें।
किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन को हिंसक बताकर खत्म कराने की साजिश सरकार और किसान विरोधी ताकतों के द्वारा लंबे समय से की जा रही है। लाल किले पर बवाल कराया गया था। लखीमपुर खीरी में भिंडरवाला की टी-शर्ट पहनाकर दो चार युवक किसानों के बीच भेज दिए गए। किसानों को चाहिए कि इस तरह की प्रायोजित गतिविधियों से सतर्क रहें। किसानों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि टी-शर्ट वाले युवक उन लोगों के द्वारा भेजे गए होंगे जो आंदोलन को बदनाम करना चाहते हैं।
किसान विरोधी सरकार के स्तर से आंदोलन को बदनाम करने की साजिश लगातार की जा रही है। ऐसी साजिश से किसानों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।
- सतविंद्र सिंह कहलो, भाकियू जिलाध्यक्ष
किसानों का इस तरह की गतिविधियों से लेना देना नहीं है। अगर ऐसे लोगों की वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है तो यह साजिश उन्हीं लोगों की रही होगी जिन्होंने किसानों को उकसाने के लिए पहले बयान दिया, फिर गाड़ी से किसानों को कुचल दिया। - बिजेंद्र सिंह यादव, प्रमुख महासचिव भाकियू, बरेली मंडल प्रभारी
किसान आंदोलन शांतिपूर्ण से हो रहा है। किसान आंदोलन में भिंडरवाला की टी-शर्ट पहनने वालों के बारे में मैं तो यही कहूंगा कि जो जैसा करेंगे वैसा ही भरेंगे।
लालू मिश्रा, भाकियू पदाधिकारी, पूरनपुर
हो सकता है कि जिसने टी-शर्ट पहनी हो, उसे भी न पता हो कि टी-शर्ट पर तस्वीर किसकी है। मेरी नजर में यह काम शरारती तत्वों के हो सकते हैं। सतर्क रहने की जरूरत है
स्वराज सिंह, किसान नेता, पीलीभीत