पीलीभीत। अवर अभियंता मुकेश कुमार के सरकारी आवास में 41 लाख रुपये मिलने के मामले में भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जेई की नींद उड़ी हुई है। पुलिस की हवालात में रविवार को रात नींद नहीं आई। पुलिसकर्मियों की माने तो जेई का अधिकतर समय जागते बीता। सोमवार सुबह पुलिस जेई को लेकर बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट गई। अदालत ने जेई को जेल भेज दिया। मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों स्टेटिक सर्विलांस टीम सक्रिय है। शनिवार शाम को सूचना पर छापामार कार्रवाई में अवर अभियंता के सरकारी आवास से रकम बरामद हुई थी। टीम ने बरामद धनराशि कोषागार में जमा करा दी। अवर अभियंता से साक्ष्य मांगने पर भी वह नहीं दिखा सका। रविवार को आयकर विभाग के अधिकारियों ने उसका बयान दर्जकर कोतवाली पुलिस की हिरासत में दे दिया। कोतवाली की हवालात में अवर अभियंता पूरी राज जागता रहा। वहां के स्टाफ के अनुसार वह बस इतना ही कह रहा था कि पैसा उसका खुद का है। वह अभी बीमार है। कुछ दिन का और समय दिया जाए। हालांकि पूरी रात जागने के बाद सुबह पुलिस कर्मियों ने उस खाना खिलाया और बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट को लेकर टीम रवाना हो गई। एक अधिकारी के मुताबिक धनराशि को लेकर उससे काफी जानकारी की गई, मगर उसने खुद का ही पैसा बताकर कुछ दिन का और समय मांगा था। मामला एंटी करप्शन से जुड़ा होने के कारण उसे वहां के कोर्ट में पेश किया गया है। जहां से जेल भेज दिया गया है।
एंटी करप्शन कोर्ट में अवर अभियंता को पुलिस टीम लेकर गई है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। मामले की जांच सीओ सिटी कर रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी, एसपी