पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की वजह से पर्यटन सत्र के दौरान पीलीभीत टाइगर रिजर्व बंद रहा, जिससे लोग जंगल का भ्रमण नहीं कर सके। जंगल घूमने के शौकीनों की सुविधा के लिए पीटीआर प्रशासन ने बाहरी इलाकों में जंगल सफारी चलाने की योजना बनाई है। जंगल सफारी संचालन कि लिए दो रूट तय किए गए हैं, जिनमें दोनों ओर जंगल है। जंगल सफाई इस सप्ताह के अंत तक चलने की उम्मीद है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र करीब सात महीने नवंबर से शुरू होकर 15 जून तक चलता है। इस दौरान सैलानियों को पीटीआर में जंगल सफारी से घूमने और चूका बीच की हरीभरी वादियों को करीब से देखने को मौका मिल जाता है। हर साल मानसून से यानी 15 जून से पीटीआर बंद कर दिया जाता है। इसके बाद नवंबर में नए पर्यटन सत्र की शुरूआत होती है। इसकी एक वजह यह भी है कि बरसात में जंगल क्षेत्र के कई इलाकों में पानी भर जाता है। पर्यटन सत्र बंद होने से वाइल्ड लाइफ के शौकीन निराशा रहते हैं, वहीं वन क्षेत्र में काम करने वाले गाइड, सफारी और जिप्सी चालकों का रोजगार बंद हो जाता है।
पीटीआर प्रशासन ने पिछले सप्ताह सात माह के बजाए पूरे साल पर्यटन शुरू करने की योजना बनाई। इसमें सैलानियों के लिए जंगल क्षेत्र के बाहरी हिस्सों में जंगल सफारी चलाने का फैसला लिया गया। इस पर गंभीरता से काम करते हुए पीटीआर प्रशासन ने पूरा रोड मैप तैयार कर लिया है। जंगल सफारी भ्रमण के लिए दो रूटों का चयन किया गया है। वन अफसरों का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक सैलानियों के लिए जंगल सफारी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
जंगल के अंदर से होकर गुजरेंगे दोनों रूट
पीटीआर प्रशासन ने जंगल सफारी के लिए जिन दो रूटों का चयन किया है उनके दोनों ओर जंगल है। इनमें एक रूट मुस्तफाबाद से यूपी व उत्तराखंड सीमा तक का लिया गया है। यह रूट पर मुस्तफाबाद गेेस्टहाउस, लालपुल, चूका बीच गेट से होकर गुजरेगा। जबकि दूसरा रूट बाइफरकेशन से शारदा डैम तक का है। इस रूट के दोनों ओर जंगल के साथ बाइफरकेशन में फैला नदियों का जाल, 22 किलोमीटर लंबा मिट्टी से बना शारदा सागर डैम और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का वॉटर स्पोर्टस सेंटर है। जंगल की फोटोग्राफी के लिहाज के दोनों रूट बेहद खास हैं।
पीटीआर ने सत्र के अलावा पर्यटन शुरू करने की योजना बनाई है। सैलानियों के लिए जंगल क्षेत्र के बाहर के रूटों पर जंगल सफारी का संचालन शुरू किया जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द ही सफारी का किराया आदि तय कर लिया जाएगा। इस सप्ताह के अंत तक जंगल सफारी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व