पीलीभीत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम सुआ बोझ में चार साल पहले विमला देवी की दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी पाकर 10 वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को 6500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है ।
पूरनपुर कोतवाली में छह जून 2017 को रूपराम ने तहरीर दी। तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री विमला देवी की शादी करीब चार साल पहले गांव सुआ बोझ निवासी ईश्वर दयाल के पुत्र लक्ष्मण प्रसाद के साथ हुई थी। शादी के बाद पुत्री ने एक पुत्र को जन्म दिया। विवाह के बाद से ही पति, ससुर और सांस मुन्नी देवी दहेज में एक लाख की मांग को लेकर पुत्री विमला देवी को परेशान करने लगे। छह जून 2017 को उन्हें जानकारी मिली कि दहेज की मांग को लेकर पुत्री की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मृतका के शव का पंचनामा भरा। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय में मृतका के पिता रूप राम सहित सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मौत के समय विमला देवी गर्भवती थी। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी पाकर 10 वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को 65 सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।