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जब तक गृह राज्यमंत्री बर्खास्त नहीं होते तब तक न्याय कैसे मिलेगा

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तजिन्दर सिंह विर्क - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। लखीमपुर में किसानों की गाड़ी से कुचलकर मौत के मामले में जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी बर्खास्त नहीं होते तब तक न्याय कैसे मिलेगा। ये बातें तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कही। किसानों को थार से कुचलने संबंधी वायरल वीडियो में सबसे आगे सफेद कुर्ता और लाल पगड़ी में विर्क ही थे। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने चंद पलों में आई मौत का वो मंजर घटना के एक महीना पूरे होने पर अमर उजाला से बातचीत में बयां किया। बोले-मौत को करीब से देखा, ईश्वर ने उन्हें दूसरी जिंदगी दी है।
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विर्क ने बताया- ‘जिस थार गाड़ी ने किसानों को कुचला था, मैं उसी गाड़ी के आगे अपने समर्थकों के संग चल रहा था। मेरे पीछे के किसान कुचलकर गिरने लगे, पल भर में मैं भी थार गाड़ी की टक्कर से दूर जा गिरा। मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। जब चंद पलों बाद होश आया तो गंभीर रूप से घायल था। मौके पर भगदड़ भरा माहौल था। आवाजें यही आ रहीं थीं कि गृह राज्यमंत्री के बेटे मोनू की गाड़ी ने कुचला है।’
विर्क ने बताया- ‘मुझे आनन-फानन किसान किसी गाड़ी में लेकर अस्पताल पहुंचे। मेरी हालत गंभीर थी। रात में ही लखीमपुर से रेफर कर दिया गया। चार अक्तूबर से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार करा रहा था। 18 अक्तूबर को छुट्टी मिली लेकिन अभी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो सका हूं। सिर पर 35 टांके लगे हैं। 20 अक्तूबर को अपने बयान विवेचना कर रहे अधिकारियों के पास दर्ज करा दिए हैं। अधिकारी मेरे ही घर रुद्रपुर में आए थे लेकिन मामले में मुझे सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं है। क्योंकि गृह राज्यमंत्री अपने पद पर बरकरार हैं जबकि किसान संगठन उनकी बर्खास्तगी के लिए आंदोलन कर रहे हैं। हमें सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है लेकिन कोर्ट पर भरोसा है। अगर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी न होती तो सरकार मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी भी न करती।’
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विर्क ने पुलिस को अपना बयान दिया है। अब अदालत में जाकर भी पूरी गवाही देंगे ताकि दोषियों को सजा मिले और किसानों को न्याय मिले।
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