पीलीभीत। गांव से लेकर शहर तक वायरल फीवर पैर पसार चुका है। मंगलवार को जिला अस्पताल में 1386 की ओपीडी रही। इनमें करीब 45 फीसदी लोग वायरल फीवर और खांसी से पीड़ित थे। इलाज के लिए जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर से लेकर दवा और डॉक्टर के कक्षों तक भीड़ लगी रही। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है।
सितंबर माह की शुरूआत से वायरल फीवर और मलेरिया ने तेजी से लोगों को जकड़ा है। हालात यह हैं कि घर-घर में वायरल से लोग पीड़ित हैं। अस्पताल खुलने से पहले मरीजों की भीड़ उमड़ने लगती है। जिला अस्पताल में औसतन एक हजार से 1500 तक की ओपीडी हो रही है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर, मलेरिया, एलर्जी और खांसी के पहुंच रहे हैं। एलर्जी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ओपीडी में डॉक्टर के कक्ष के बाहर से लेकर दवा काउंटर पर लंबी कतार देखने को मिल रही है। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। वहीं जिला अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। मौसम में बदलाव के कारण बुखार के मरीजों से भरा हुआ है। मरीजों में कोरोना का खतरा बना हुआ है। फिर भी मरीज और तीमारदार मास्क लगाने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में 1386 की ओपीडी रही। इनमें करीब 45 फीसदी वायरल फीवर और खांसी के शामिल रहे। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर सुबह नौ बजे से ही भीड़ थी। भीड़ अधिक होने के कारण कई मरीजों को वापस भी लौटना पड़ा। हालात यह थे कि जहां डॉक्टर बैठते थे। वहां तो मरीजों की भीड़ लगी रही।
पैथोलॉजी में 11 लोगों की डेंगू जांच, रिपोर्ट निगेटिव
वायरल फीवर पीड़ितों को डेंगू और मलेरिया आशंकित मानकर जांच कराई जा रही है। मरीजों की एनएस-1 डेंगू और मलेरिया की जांच कर डाक्टर करा रहे हैं। ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। मंगलवार को जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में 11 मरीजों की लैब में डेंगू की जांच कराई गई। हालांकि जांच में सभी निगेटिव पाए गए। डॉक्टरों के द्वारा उन्हें बुखार बताया गया।
जिला अस्पताल का हाल- पहली सितंबर से 14 सितंबर तक प्रतिदिन बढ़ रहे मरीज
01 सितंबर - 1111
02 सितंबर -945
03 सितंबर- 921
04 सितंबर -890
06 सितंबर -1319
07 सितंबर- 1055
08 सितंबर- 905
09 सितंबर-905
10 सितंबर- 859
11 सितंबर- 931
13 सितंबर - 1596
14 सितंबर- 1386
बुखार के लक्षण
जोड़ों व हाथ पैरों में दर्द होना, जी मिचलाना या घबराना, गले में कफ बनना खराश होना, ठंड लगना, शरीर में सुस्ती आना, शारीरिक कमजोरी, जरा सा काम करने पर थकान महसूस होना, कई रोगियों को बुखार में सिर का दर्द भी होता हैं, चिड़चिड़ापन आता हैं। यह सभी बुखार के सामान्य संकेत होते हैं।
वायरल बुुखार और मलेरिया से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में प्राप्त सुविधाएं है। दवा भी प्राप्त मात्रा में हैं। जिस गांव में वायरल बुखार और मलेरिया का प्रकोप है वहां कैंप लगाकर दवा बांटी जा रही है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ