प्राकृतिक सुंदरता से भरा पड़ा है पीलीभीत टाइगर रिजर्व
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। जंगल में बेहतर ग्रास लैंड के साथ नहरों का जाल भी फैला हुआ है। अनुकूल वातावरण के चलते बाघ और तेंदुओं के साथ अन्य वन्यजीवों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2014 में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मात्र 28 बाघ हुआ करते थे जो छह वर्ष के भीतर वर्ष 2018 तक 65 हो गए थे। उसके बाद गणना नहीं हुई है। अब गणना चल रही है। एक बाघिन और उसके चार शावक एक साथ देखे जाने से जाहिर हो रहा है कि बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है।
बाघों की संख्या बढ़ने पर मिल चुका है पुरस्कार
वर्ष 2014 से 2018 तक बाघों की संख्या बढ़ने पर पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल को टाइगर एक्स टू पुरस्कार से नवाजा गया था। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल का कहना है कि बाघिनों ने एक वर्ष 12 शावकों को जन्म दिया है। बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है। फिलहाल गणना का काम चल रहा है। इसके परिणाम इस वर्ष के अंत तक आएंगे।
होती रहती है जंगल में घुसपैठ
अपर्याप्त संसाधन के सहारे ही जंगल की सुरक्षा को संभाला जा रहा है। वहीं रेंज के जिम्मेदार बाघ और वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति कई बार गंभीर नहीं दिखते हैं। नतीजतन जंगल में अवैध घुसपैठ जारी रहती है। पिछले दिनों बाघ गणना के लिए लगे कई कैमरे भी चोरी कर लिए गए। इधर इस सबके बावजूद बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह शुभ संकेत है। कितने बाघ बढ़े हैं, यह बात तो गणना के आकड़े सामने आने पर ही पता लग सकेगी।