पीलीभीत। कोविड टीकाकरण के तहत वैैसे तो जिले में लक्ष्य से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है, लेकिन लड़के और लड़कियों की बात की जाए तो इसमें लड़कियों आगे रहीं। वह अपनी सुरक्षा के प्रति ज्यादा जागरूक नजर आईं। कॉलेज में छात्राएं दोनों डोज लगवा चुकी हैं जबकि छात्र पीछे हैं। कुछ कॉलेज में वैक्सीनेशन का आंकड़ा देखा गया तो तस्वीर साफ हो गई।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 15 से 17 साल की 1200 छात्राएं हैं जो पहली और दूसरी डोज लगवा चुकी हैं। कुछ छात्राएं 18 साल के करीब थीं उनको भी टीके लग चुके हैं। कक्षा पांच से आठ तक करीब 750 छात्राएं हैं जिनको अब टीके लगवाए जाएंगे। अब पड़ोस के ही लड़कों के कॉलेज रामा इंटर कॉलेज की बात करते हैं यहां करीब सात सौ छात्रों में 490 ने पहला डोज और 400 ने दूसरी डोज लगवाई है, जो करीब 70 फीसदी के करीब बैठता। अब कुछ और कॉलेज में हुए टीकाकरण को देखते हैं।
अवंतीबाई गर्ल्स कॉलेज में शिविर के दौरान 1200 में से 700 छात्राओं को टीके लगे। बाकी ने अपने पास के बूूूथों पर लगवाए। वैक्सीनेशन का आंकड़ा यहां 90 फीसदी से ऊपर है। वहीं ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज की बात करें तो यहां 1300 में करीब 700 छात्रों ने टीके लगवाए। यानी करीब 53 फीसदी टीकाकरण हुआ। लगभग यही हाल अन्य कॉलेजों का रहा है। तुलनात्मक देखा जाए तो टीका लेने वालों में लड़कियों का अनुपात ज्यादा रहा है। अधिकतर का मानना है कि उनको अपने और परिवार की सुरक्षा की चिंता है इस वजह से वैक्सीन लगवा ली। कोरोना से बचाव का सुरक्षा चक्र हासिल कर लिया है।
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जीजीआईसी जैसी जागरूकता सभी दिखाएं
अगर कोरोना से बचाव के सुरक्षा चक्र में आप अपने विद्यालय के बच्चों को शामिल करना चाहते हैं तो पीलीभीत शहर का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उदाहरण है। कॉलेज में कोविड का पहला और दूसरा डोज 15-17 वर्ष की सभी छात्राओं को लगाया जा चुका है। प्रधानाचार्य अनीता कुमारी ने बताया कि जब कॉलेज में शिविर लगाया गया तब उसमें कक्षा दस से बारह की 1200 छात्राओं को दोनों टीके लगे। हालांकि छात्राओं की संख्या 1950 है लेकिन उसमें बाकी 15 साल से कम उम्र की थी। अब इन्हें टीका लगवाएंगे।
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रामा कॉलेज में टीकाकरण का लक्ष्य छूने की है जरूरत
रामा इंटर कॉलेज लड़कों का है। इसमें वैक्सीनेशन का पहला टीका लेने वालों की संख्या 490 है। दूसरी डोज करीब 400 छात्रों ने लगवाई। कॉलेज में 15 से 17 साल उम्र के छात्रों की संख्या करीब सात सौ है। बाकी छात्र 15 साल से कम उम्र के हैं। इस हिसाब से करीब 70 फीसदी छात्रों ने ही टीका लगवाया। प्रधानाचार्य ओम प्रकाश का कहना है कि सभी छात्रों को सूचित किया था। ज्यादातर टीका लगवाने भी आए। जो रह गए हैं उन्हें अब टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे और लक्ष्य को जीजीआईसी की तरह छूएंगे।
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ये लोग लगवा चुकें हैं टीका
मैंने शुरूआती दौर में ही दोनों डोज लगवा ली थीं। खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। मेरे साथ मेरे दोस्तों ने भी टीका लगवा लिया है।
- प्रखर, दोनो डोज
मैं पहली डोज लगवा चुका हूं। अब दूसरी डोज लगवाने की तैयारी में हूं। एक दो दिन में दूसरी डोज भी लगवा लूंगा। जो लोग टीका लगवाने से रह गए हैं वो सब जरूर लगवाएं। -ओजश, पहला डोज
मैंने तो शुरूआती दौर में ही दोनों डोज लगवा ली थीं। कोविड के दौर में हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि सबकी सुरक्षा के लिए खुद को भी सुरक्षित करें। - नेहा, दोनों डोज
दोनों डोज लगवा चुकी हूं। सिर्फ लड़कियां ही नहीं बल्कि सभी लोगों को बढ़ चढ़कर टीकाकरण कराना चाहिए। मैंने तो अपने सारे दोस्तों को भी टीकाकरण के लिए जागरूक किया। - यशि, दोनों डोज
पोर्टल पर सभी की जानकारी तो दर्ज है, पर यह कहना मुश्किल है कि लड़के लड़कियों में टीकाकरण का अनुपात कितना रहा। स्कूल कॉलेज में जब कैंप लगाकर टीकाकरण कराया तो उस दौरान यह बात जरूर सामने आई कि छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा गंभीर हैं। लड़कों के कॉलेज की तुलना में गर्ल्स कॉलेज में ज्यादा टीके लगे, जो लोग टीका लगवाने से रह गए हैं वह तुरंत लगवा जरूर लें।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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परीक्षा के चलते धीमी पड़ी वैक्सीनेशन की रफ्तार
इस दौरान 18 साल से ऊपर वालों के साथ किशोरों और 12 से 14 साल के बच्चों का भी टीकाकरण चल रहा है। यूपी बोर्ड परीक्षा, बेसिक स्कूलों की परीक्षा और प्राइवेट कॉलेजों में प्री-बोर्ड की परीक्षा के चलते टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ी है। बच्चों का 80 हजार से ऊपर का लक्ष्य है जबकि बमुश्किल एक फीसदी को टीका लग सका है।
नेहा- फोटो : PILIBHIT
प्रखर- फोटो : PILIBHIT
ओजस- फोटो : PILIBHIT