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डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान, घंटों लाइन में लगने पर मिल पा रही

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पूरनपुर में इफको केंद्र के बाहर डीएपी खाद लेने को लगी किसानों की लाइन। - फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर। डीएपी खाद के लिए जिले में मारामारी हो रही है। खाद के लिए किसानों को इफ्को और कृभको केंद्र पर लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। इसके बाद भी पर्याप्त मात्रा में न मिलने से किसानों में रोष है।
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ब्लॉक क्षेत्र में 23 जबकि पूरे जिले में 76 सहकारी समितियां हैं। विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आवाहन पर समिति कर्मचारी दीपावली से बेमियादी हड़ताल पर है। इसके अलावा अधिकांश समितियों पर डीएपी खाद भी नहीं है। कुछ समितियों पर एनपीके है। गेहूं की बोआई और गन्ना की फसल की बढ़वार के लिए किसान डीएपी खाद का प्रयोग करते है। मगर डीएपी खाद का टोटा चल रहा है। इफ्को और कृभको के केंद्रों से किसानों को डीएपी खाद दी जा रही है। खाद लेने को सुबह से ही किसानों की इफ्को और कृभको के केंद्रों पर लाइन लगनी शुरू हो जाती हैं। सोमवार को भी नगर के इफ्को और कृभको के केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लाइनें लगनी शुरू हो गईं। घंटों लाइन में लगने के बाद किसानों को दो-दो कट्टा डीएपी दी गईं। पर्याप्त डीएपी खाद न मिलने से किसानों में रोष है।
गेहूं की बोआई के समय डीएपी खाद खेत में डालनी पड़ती है। इससे गेहूं जल्दी जम आता है। इसके अलावा गन्ना की फसल की बढ़वार को भी डीएपी खाद डाली जाती है। डीएपी खाद लेने को सुबह से इफ्को के केंद्र पर लाइन में रहा। मात्र दो कट्टा खाद मिली।
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- अमित पांडेय, पिपरिया जयभद्र
इफ्को के केंद्र से खाद मिलने की जानकारी पर सुबह ही आकर लाइन में लग गया। घंटों लाइन में लगने के बाद मात्र दो कट्टा डीएपी मिली। जबकि प्रति एकड़ जमीन पर एक कट्टा डीएपी डालनी होती है। सांठगांठ करने वालों को कई कट्टा डीएपी दी गई।
- निरंजन सिंह, केसरपुर
समितियों के सभी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं है। धान खरीद में लगे कर्मचारी खरीद कर रहे हैं। हड़ताल को लेकर अफसरों की कर्मचारियों से वार्ता हुई है। समितियों पर डीएपी की जगह एनपीके है।
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- संजय कुमार एडीओ (सहकारिता)
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