पूरनपुर (पीलीभीत)। सीएमआर (कस्टम मिलिंग राइस) का चावल हड़पने के मामले में एक और राइस मिल के मालिकों पर अमानत में खयानत करने की रिपेार्ट दर्ज कराई गई है। राइस मिल के मालिकों पर 4.40 करोड़ रुपये कीमत का चावल उतार न करके गबन करने का आरोप है। शुक्रवार को जिस राइस मिल के मालिकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी उन पर भी पीसीयू के जिला प्रबंधक ने पीसीयू का 95.20 लाख रुपये कीमत का चावल गबन करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। दोनों राइस मिल मालिकों पर अब तक 10.60 करोड़ रुपये के चावल का गबन करने का आरोप लगा है।
बृहस्पतिवार देर शाम को विपणन निरीक्षक रवि कुमार ने जसवंती राइस मिल के मालिक जगमोहन राय की पत्नी रजनी अग्रवाल और विजय अग्रवाल की पत्नी चमन अग्रवाल पर धोखाधड़ी कर 5.24 करोड़ रुपये के चावल गबन करने और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पीसीयू के जिला प्रबंधक रामकेस सरोज ने जयगुरु राइस मिल के मालिक जगमोहन राय अग्रवाल और विजय अग्रवाल के पुत्र कपिल अग्रवाल पर 44083872 कीमत के चावलों का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि सर्वोदय कृषक कल्याण बहुउद्देशीय समिति खमरिया पट्टी और सहकारी कृषक समिति भगवतीपुर के धान खरीद केंद्र पर खरीदा गया 36523.60 और 12130 क्विंटल धान कुटाई के लिए दिया गया था। 67 प्रतिशत के अनुसार राइस मिलर को 24470.8 और 8127.10 क्विंटल सीएमआर का चावल एफसीआई को देना था। मगर राइस मिलरों ने 17392.846 और 1159.544 क्विंटल चावल एफसीआई को दिया। आरोप है कि मिल मालिकों ने 1404522 क्विंटल चावल का उतार नहीं किया।
कास्टशीट के अनुसार चार करोड़ चालीस लाख तिरासी हजार आठ सौ बहत्तर रुपये का चावल उतार नहीं किया। चावल उतार को क्रय एजेंसी की ओर से 12 मार्च, 25 मार्च, नौ अप्रैल, 16 जून 2021 को सीएमआर जमा करने का नोटिस दिया गया। इसके बाद एक सितंबर, सात सितंबर को सीएमआर के मूल्य की धनराशि जमा करने का नोटिस दिया गया। मगर धनराशि जमा नहीं की गई। इसके बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम जांच की। तब आठ सितंबर को मिल में चावल का स्टाक नहीं मिला। चावल गबन करने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि जिला प्रबंधक की ओर से राइस मिल के पार्टनर जगमोहन राय अग्रवाल, कपिल अग्रवाल पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
चावल खराब होने के डर से तो नहीं की बिक्री
गबन के आरोपी राइस मिल मालिकों ने शुरू में तो सीएमआर के चावल का उतार कराया। मगर बाद में खराब धान मिलने पर चावल उतार डगमगा गया। सीएमआर के चावल उतार को नोटिस जारी होने पर राइस मिलरों ने उतार के लिए चावल का इंतजाम भी कर लिया। मगर बाद में एफसीआई ने चावल उतार कराने में हाथ खींच लिए। इस पर मिलों पर चावल का स्टाक कहीं खराब न हो जाए। इसको लेकर राइस मिलरों ने चावल के स्टाक की बिक्री कर दी। ताकि बाद में चावल की धनराशि जमा कराया जा सके। इसी के तहत अन्य तीन राइस मिलरों ने धनराशि जमा भी कर दी। मगर दो राइस मिल चावल बिक्री के बाद फंस गए।
95.25 लाख के चावल गबन की भी दी तहरीर
जयगुरु राइस मिल के अलावा जसवंती राइस मिल को भी भगवतीपुर और निवाजपुर के धान खरीद केंद्रों पर खरीदा गया चावल दिया गया था। मगर जसवंती राइस मिल के पार्टनर रजनी अग्रवाल और चमन अग्रवाल ने सीएमआर के 95 लाख 25 हजार 646 रुपये कीमत का चावल उतार नहीं किया। इन दोनों के खिलाफ भी पुलिस को तहरीर दी गई है। कोतवाल ने पहले हुई दर्ज रिपोर्ट में इसे शामिल कराने का आश्वासन दिया है।
- रामकेस सरोज, जिला प्रबंधक पीसीयू
राइस मिलों में कुछ दिन पहले कराए गए सत्यापन में चावल का स्टाक मिला था। मगर दोबारा सत्यापन करने पर दो मिलों से चावल का स्टाक गायब पाया गया। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। सीएमआर का चावल राइस मिलरों पर न मिलने पर कार्रवाई हुई है।
- राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम