इस हाईवे पर कुछ दूर आगे सोमवार की रात हाथियों ने मचाया था उत्पात।
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पीलीभीत। दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर से जनपद की सीमा में लौटे हाथियों ने 16 घंटे जंगल में डेरा जमाने के बाद सुरई रेंज के जंगल की ओर रुख किया है। सोमवार रात हाथी खटीमा हाईवे स्थित लालपुल के पास डेरा जमाए रहे। इससे करीब चार घंटे तक रात में हाईवे बंद रहा। फिलहाल महोफ रेंज की टीम हाथियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। निगरानी में जुटी टीम ने प्रयास कर हाथियों को उत्तराखंड के सुरई जंगल की ओर निकाला।
नेपाल की ओर से आए हाथी दस दिन पूर्व दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर निकल गए थे। हाथियों पर नजर रखने के लिए हरीपुर रेंज के स्टाफ को सतर्क किया गया था। इधर, रविवार रात करीब एक दर्जन छोटे-बड़े हाथी हरीपुर के जंगल में पहुंच गए। जानकारी लगते ही टाइगर रिजर्व प्रशासन में खलबली मच गई। वनकर्मियों की टीम निगरानी में जुट गई। इसके बाद हाथी हरीपुर से बराही जंगल में पहुंच गए। वनकर्मियों की सक्रियता के चलते हाथी बाइफरकेशन के जंगल रास्ते से महोफ रेंज की ओर निकल गए थे।
सोमवार को दिनभर हाथी महोफ रेंज में डेरा जमाए रहे। रात होने पर हाथियों का झुंड खटीमा हाईवे स्थित लालपुल के निकट पहुंच गया। हाथियों के हाईवे के निकट मौजूदगी की भनक लगते ही वनकर्मी अलर्ट हो गए। बताया जा रहा है कि रात करीब दस बजे के बाद हाईवे पर यातायात भी रोक दिया गया। इसके बाद प्रयास कर हाथियों को रात करीब दो बजे के बाद सुरई रेंज के जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। हाथियों की सक्रियता के चलते टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है। उनके लौटने की स्थिति में हाथियों से खतरा और भी बढ़ सकता है।
रात में हाथी खटीमा रोड के किनारे आ गए थे। काफी प्रयास के बाद रात में ही उत्तराखंड की ओर चले गए हैं। निगरानी जारी है। अगर हाथी लौटते हैं तो फिर इनको वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। -नवीन खंडेलवाल, डीडी पीटीआर