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पहाड़ों पर हुई बारिश से शारदा नदी के पानी ने मचाई 12 गांवों में तबाही, डूब गईं फसलें, फंस गए लोग

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बारिश से फसल को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से उफनाई शारदा नदी से 12 गांवों में तबाही मची है। हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो र्गइं है। तीन दिनों से बर्बादी का मंजर बना हुआ है। लोग सुरक्षित जगहों पर अपना ठिकाना बनाने में लगे हैं। वहीं शारदा पार के गांवों में अभी कुछ लोग बाढ़ में फंसे हैं। उन्हें निकालने के रेस्क्यू चल रहा है।

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सोमवार को रात शारदा नदी ने विकराल रूप दिखाया। इससे नदी पार गए लोग खेतों में फंस गए। गांव में अचानक पानी भरने से लोग किसी तरह खुद तो बचकर निकल गए, मगर सामान को घर में ही छोड़ना पड़ा। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की हजारों एकड़ फसल किसानों की आंखों के सामने बर्बाद हो गई। सबसे ज्यादा गांव कुतिया कवर, नौजल्हा, नलडेंगा, रमनगरा बुझिया, पुरैना, सेला, मझारा पलिया, वीरखेड़ा, गोरख डिब्बी, गुनहान, बंदरबोझ, कटकवारा में पानी ने तबाही मचाई है।

लोग घरों को छोड़कर कर ऊंचे स्थानों पर चले गए। रात में सिर छिपाने के लिए पन्नी तानकर या फिर स्कूलों का सहारा लिया है। बाढ़ में फंसे 26 लोगों को सेना ने हेलीकॉप्टर से बाहर निकाला है लेकिन अभी गांव गोरखडिब्बी, गुनहान, बंदरबोझ में बाढ़ के पानी में लोग फंसे हैं। इन्हें निकालने के लिए एसएसबी और पीएसी का रेस्क्यू चल रहा है। जिले के अधिकारी बाढ़ क्षेत्र में डेरा ही डाले हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए तीन टीमें लगाईं गईं हैं।
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राहत : नदी में पानी का घटाव शुरू
मंगलवार दोपहर दो बजे जब तबाही का मंजर सामने आया तब 5.47 लाख क्यूसेक था। शारदा नदी में पानी खतरे के निशान (223.30 मीटर) से 1.5 मीटर ऊपर बह रहा था पानी। बुधवार को शाम चार बजे पानी घटकर 2.29 लाख क्यूसेक रह गया। पानी खतरे के निशान से 0.65 मीटर नीचे है।

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