पीलीभीत। बिटिया से दरिंदगी की घटना के खुलासे के लिए चल रही पुलिस की कार्रवाई पर सीधी नजर डालें तो 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
वैसे तो घटना की शुरूआत शनिवार को सुबह 6.45 बजे से हो जाती जब बिटिया अपने घर से कोचिंग पढ़ने गई थी। वह घर वापस नहीं आई। शाम पांच बजे से उसकी तलाश हुई और उसी रात 11 बजे गन्ने के खेत में लाश मिली। वारदात को लाश मिलने के समय से जोड़ा जाए तो सोमवार रात 11 बजे तक वारदात के 48 घंटे पूरे हो गए। पुलिस की सात टीमें खुलासे के लिए लगीं हैं। आईजी रमित शर्मा पल-पल खबर ले रहे हैं। एसपी खुद हर पहलू पर छानबीन करा रहे हैं। सर्विलांस से लेकर फॉरेसिंक जांच टीम भी अपने काम में लगी है। 48 घंटे में इस दौरान छात्रा की सहेलियों, कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों, गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की गई। सात लोगों को शक में हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद दो को छोड़ दिया गया। इसके अलावा पुलिस ने कई युवकों से पूछताछ की है लेकिन सोमवार को रात तक ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं आया। जिससे अपराधियों के गले तक पुलिस के हाथ पहुंच सकें। आईजी रमित शर्मा भी कार्रवाई का फॉलोअप कर रहे हैं। एसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि पुलिस की टीमें चार से बढ़ा कर सात कर दी गई हैं। प्रत्येक सूचना पर छानबीन हो रही है।