पीलीभीत। चोरी के इरादे से घर में घुसे आरोपी के मामले में 17 वर्ष बाद फैसला आया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को इस शर्त पर रिहा किया कि आरोपी एक वर्ष नेक चाल-चलन बनाए रखेगा। अदालत जब उसे तलब करेगी तब वह हाजिर होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नगर निवासी कुंवर सेन ने 15 फरवरी 2004 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार रात एक बजे वह और उसका भाई सुरेश परिवार के साथ घर में सो रहे थे। मकान के पीछे से चोरी करने के इरादे से एक व्यक्ति घुस गया। आहट होने पर शोर मचाया। तब पड़ोसी जगन्नाथ और छोटेलाल भी आ गए। उस व्यक्ति ने अपना नाम बाबू सिंह निवासी बनगवां थाना खटीमा जिला उधम सिंह नगर बताया। उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों ने बताया कि आहट पर जाग हो जाने के कारण बाबू चोरी नहीं कर सका था। घर का कोई सामान चोरी नहीं हुआ था। मामले की सुनवाई 17 साल तक न्यायालय में चली। न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभी अग्रवाल ने आरोपी बाबू को रात में घर में घुसने का दोषी पाया उसे एक वर्ष के नेक चाल चलन की शर्त पर रिहा किया गया है। आरोपी को आदेश दिया गया है कि न्यायालय जब भी तलब करेगा तब वह न्यायालय में हाजिर होगा।