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सरकारी योजनाओं में दीमक: पीलीभीत में हजारों कंडोम देख मची लूट, जानिए कहां से आया गर्भनिरोधक का ढेर?

Wed, 23 Mar 2022 09:00 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत।

सार

पीलीभीत में हजारों गर्भनिरोधक (कंडोम) कूड़े में फेंक दिए गए। मामला स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आया तो सीएमओ खुद जांच के लिए पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में गर्भनिरोधक देखकर वह भी दंग रहे गए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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एड्स की रोकथाम और परिवार नियोजन के नाम पर सरकारी योजनाओं पर पलीता किस तरह से लगाया जा रहा है इसका नमूना पीलीभीत शहर के मोहल्ला नखासा में देखने को मिला। आम लोगों को फ्री में बांटने के लिए आए हजारों गर्भनिरोधक (कंडोम) कूड़े में फेंक दिए गए। मामला स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आया तो सीएमओ खुद जांच के लिए पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में गर्भनिरोधक देखकर वह भी दंग रहे गए। ये कंडोम राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) संस्था द्वारा एनजीओ के माध्यम से लोगों तक पहुंचाए जाने थे। सीएमओ ने नाको को पत्र लिखा है। सीएमओ ने बताया कि केंद्र सरकार से इस संबंध में कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।

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शहर के नखासा मोहल्ले में एक खाली जगह पर हजारों की संख्या में कंडोम रात में कोई डाल गया। आसपास के लोग पहले इनको एक्सपायर्ड मान रहे थे लेकिन जब कंडोम के पैकेट देखे तो दंग रहे गए। ये कंडोम 2024 के 10वें महीने में एक्सपायर होने हैं। इनके पैकेट पर नाको और एचआईवी हेल्पलाइन नंबर 1097 के साथ-साथ गवर्नमेंट ऑफ इंडिया फ्री सप्लाई नॉट फॉर सेल भी लिखा है। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी।
 

सीएमओ डॉ. आलोक कुमार खुद मौके पर पहुंचे। पड़ताल के लिए कुछ पैकेट के सैंपल लिए। विभाग में सप्लाई होने वाले पैकेट से इनका मिलान किया। नाको लिखे कंडोम पिंक कलर के हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग में आने वाले कंडोम ग्रे कलर के होते हैं। अब सीएमओ ने नोको को पत्र लिखा है। वहीं परिवार नियोजन और एड्स जागरूकता में लगे सभी एनजीओ को तलब किया है।

 

तमाम गर्भनिरोधक आसपास के लोग उठा ले गए
गंदगी और कूड़े में पड़े तमाम कंडोम आसपास के लोग उठा ले गए। इसमें कई तो अवयस्क थे। तीन दिन से कंडोम खुले में पड़े हैं। सीएमओ जांच को पहुंचे और सैंपल लेकर चले गए। खुले में पड़े इन कंडोम को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। अब भी तमाम कंडोम पड़े हैं जिनको लोग उठाकर ले जा रहे हैं। वहीं सीएमओ कह रहे हैं कि गंदगी में पड़े होने के कारण यह कंडोम प्रयोग के लायक नहीं हैं। अगर ऐसा है तो लोग फ्री में चक्कर में मुसीबत भी अपने साथ ले जा रहे हैं। यह संक्रमित भी हो सकते हैं।
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स्टोर इंचार्ज और पूरी टीम के साथ मैं खुद मौके पर पहुंचा था। कंडोम के सैंपल ले लिए हैं। नाको विभिन्न एनजीओ को इसकी सप्लाई करता है। उसके माध्यम से लोगों को फ्री में इनका वितरण किया जाता है। मामला संगीन है इसलिए नाको को पत्र भेज दिया है। नाको से जानकारी मांगी है कि इस बैच नंबर के कंडोम किन एनजीओ को दिए गए थे। जिले के सभी एनजीओ को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
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