पीलीभीत। मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर किसानों की खाद लेने को भारी भीड़ रही। कई बार अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। मंगलवार को सिर्फ 350 बोरे खाद होने के कारण कई किसानों को नहीं मिल पाई । कुछ किसान सुबह से ही लाइन में लग गए थे। गांव में समितियां होने के बाद भी 20 से 25 किलोमीटर दूर खाद लेने पहुंचे। जबकि सहकारिता विभाग के अफसरों का तर्क है कि जिले की सभी 76 समितियों पर खाद का वितरण शुरू हो गया है।
किसान गेहूं की बुआई करने के लिए खाद लेने के लिए भटक रहे है। सहकारी समितियों के सचिव हड़ताल पर है। इससे वहां खाद नहीं मिल पा रही है। शहर स्थित मंडी समिति के इफको केंद्र पर खाद लेने के लिए लंबी दूरी तय कर पहुंच रहे हैं। कई कई घंटा इंतजार करने के बाद भी कुछ किसानों को बैंरग लौटना पड़ता है। इससे किसान परेशान है। मंगलवार को इफको केंद्र पर सुबह सात बजे ही पहुंच गए, मगर दोपहर दो बजे तक लंबी लाइन में खड़े रहे। किसानों का कहना था कि गांव में समिति होने के बाद भी लंबी दूरी तय करके यहां खाद लेने आना पड़ रहा है। गेहूं की बुआई के लिए खेत तैयार है, मगर खाद नहीं मिलने से बुआई लेट हो रही है। जबकि अफसर खाद पर्याप्त मात्रा में बता रहे है। मंगलवार को आलम यह था कि खाद का बोरा सिर में रखा किसान काफी खुश दिखाई दे रहे थे। वहीं जिन्हें नहीं मिली वह मायूस दिखाई दिए। अफसरों का तर्क है कि समिति सचिवों से वार्ता हो गई है। किसानों को समिति से खाद वितरित की जा रही है। जिले में एनपीके और यूरिया की कमी नहीं है। 1400 मीट्रिक टन की डिमांड और भेज दी गई है। जबकि गोदाम में भी खाद का स्टाक लगा हुआ है।
क्या बोले किसान
गांव रानीगंज से आए किसान सुंदरलाल ने बताया कि 22 किलोमीटर दूर से खाद लेने आए है। सरसों और गेहूं की बुआई के लिए खेत तैयार है। मगर खाद नहीं मिलने से बुआई में देरी हो रही है। कई दिनों से चक्कर लगा रहे है।
करीब 25 किलोमीटर दूर करनापुर से आए किसान रामबाबू ने बताया कि कल समिति पर गए, मगर एनपीके खाद नहीं मिली। कई चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल सकी। सुबह साढ़े सात बजे से लाइन में खड़े है। अभी तक नंबर नहीं आया है।
गांव बरातबोझ से आए किसान रामचंद्र ने बताया कि गांव में समिति बनी हुई है। इसके बाद भी वहां खाद नहीं मिल रही। आज खाद बांटने की उम्मीद थी, मगर नहीं मिली। इसी लिए इतनी दूर आए है। लाइन में खड़े होकर खाद लेनी पड़ी रही है।
सरदार नगर से आए किसान नूरहसन ने बताया कि खाद की भारी दिक्कत है। पहले बारिश से धान की फसल बर्बाद हो गई। अब खाद नहीं मिलने से गेहूं की बुआई लेट हो रही है। समितियों पर चक्कर लगाकर थक चुके है। इसके बाद भी खाद नहीं मिली।
मंगलवार को जिले की सभी 76 समितियों पर खाद का वितरण शुरू हो गया है। जिले में खाद का अभी स्टाक पर्याप्त है। 1400 मीट्रिक टन की डिमांड और भेज दी गई है। किसी भी तरह से किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - वीर विक्रम सिंह, एआर कोऑपरेटिव