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आंगनबाड़ी केंद्रों पर अन्नप्राशन संस्कार, खीर और दलिया खिलाया बच्चे का चेहरा मुस्कराया

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अन्नप्राशन कराया तो दक्ष मुस्कराया। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। ब्लॉक मरौरी के ग्राम ओरिया के आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण अभियान के अंतर्गत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर अन्नप्राशन दिवस मनाया गया। इस मौके पर छह माह पूर्ण कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। बच्चों को खीर, हलुआ, दलिया खिलाया गया। उनकी माताओं को परवरिश के तरीके भी सिखाए गए।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अरविंद कुमार ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश परंपरागत रीति-रिवाजों के माध्यम से पोषण अभियान को जोड़ कर समाज को जागरूक करना है। मुख्य सेविका रुचि शर्मा ने बताया कि बच्चों को सही पोषण देने के लिए अभियान चलाया गया है। पोषण अभियान के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह पूर्ण कर चुके बच्चों को खीर खिलाते हुए उनके लिए ऊपरी आहार की शुरूआत की जाती है। इस दौरान शिशु के सभी परिजनों को भी पोषण के प्रति जागरूक किया जाता है। क्योंकि ऊपरी आहार बच्चे के दिमागी विकास के लिए बहुत आवश्यक है।
इन बातों का ध्यान दें
बच्चे के भोजन में एक चम्मच देशी घी अवश्य मिलाएं
दो बर्तन (कटोरी चम्मच) बच्चे का अलग रखें
कम से कम दिन में तीन बार बच्चे को खाना खिलाएं
स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार जरूरी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महेश्वरी देवी ने बताया छह माह के बाद शिशुओं के लिए स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार देना चाहिए। 6 माह से 8 माह के बच्चों के लिए नरम दाल, दलिया, दाल-चावल, दाल में रोटी मसलकर दूध के साथ दे सकते हैं। फल प्रतिदिन दो बार देना चाहिए। ऐसे ही 9 माह से 11 माह तक के बच्चों को प्रतिदिन 3 से 4 बार एवं 12 माह से 2 वर्ष की अवधि में घर पर पका पूरा खाना एवं धुले एवं कटे फल को प्रतिदिन भोजन एवं नाश्ते में देना चाहिए।
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कार्यक्रम में कई नई जानकारियां मिलीं
लाभार्थी ज्ञानवती ने बताया कि मेरा बेटा करण 6 माह पूर्ण कर चुका है वह सात माह में चल रहा है। आंगनबाड़ी की दीदी मुझे एक दिन पहले बता दिया गया था कि कल मेरे बच्चे का अन्नप्राशन होगा। आज जब अन्नप्राशन हुआ तो मेरे बेटे का वजन लिया गया। साथ ही यह बताया कि क्या खिलाना है। क्या क्या ध्यान देना है। कब-कब टीकाकरण कराना है। इस तरह कार्यक्रम से नई जानकारियां मिली हैं।
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