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डीएम ने खुद चेक की धान की नमी, केंद्र प्रभारियों को लगाई फटकार

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नमी मापक यंत्र से धान की नमी चेक कराते डीएम। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे ने शहर की मंडी समिति और अमरिया तहसील क्षेत्र में मंगलवार को धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से भी समस्याओं को लेकर वार्ता कर। केंद्र प्रभारियों को मानक के अनुसार धान खरीद के निर्देश दिया। नमी मापक यंत्र और धान की नमी को भी चेक किया। ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था मिलने पर डीएम ने प्रभारियों को फटकार लगाई।
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अमरिया में यूपीएसएस के निसरा और सरदार नगर का निरीक्षण किया। इस दौरान निसरा और सरदार नगर में क्रय केंद्र प्रभारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि कार्यशैली में सुधार करने की जरूरत है। रोजाना बुकिंग स्लाट देखकर धान तौल के लिए किसानों को केंद्र पर बुलाया जाए। हल्का लेखपाल को धान किसानों का रजिस्टर तैयार नहीं करने पर चेतावनी देते हुए तत्काल रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। पीलीभीत मंडी में आठ क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। केंद्रों पर मौजूद किसानों से वार्ता की। मंडी में निरीक्षण के दौरान खाद्य विपणन के एक से आठ तक किसानों द्वारा लाए गए धान की नमी और गुणवत्ता की खुद जांच की। धान के मानक सही मिलने पर शाम तक तौल कराने के केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए। केंद्र संख्या तीन और चार पर आए किसान सरवन सिंह और सुखदेव सिंह से टोकन बुकिंग और क्रय नीति को लेकर जानकारी ली गई। किसानों ने कहा कि धान खरीद की अच्छी व्यवस्था बनाई गई है। किसान चंचल सिंह ने क्रय नीति की सराहना की। कहा कि पिछले वर्षों की तरह कई दिनों तक लाइन नहीं लगाना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारियों की मनमानी भी इस बार नहीं है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने सभी केंद्र के नोडल लेखपालों को गांव -गांव में जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देश दिए है।
पराली न जलाएं, गोशाला में भिजवाएं
बिलसंडा ब्लॉक सभागार में डीसी मनरेगा ने सचिव एवं रोजगारों की बैठक ली। जिसमें पराली प्रबंधन के साथ मनरेगा कार्यों की समीक्षा की और अधिक से अधिक कार्य करने को निर्देशित किया।
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ब्लॉक के अटल सभागार में मंगलवार को जिला से आए डीसी मनरेगा मृणाल सिंह ने ब्लॉक के समस्त सचिवों एवं रोजगार सेेवकों की बैठक ली। बैठक में मृणाल सिंह ने रोजगार सेवकों से उनके गांव में हो रहे मनरेगा कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कई पंचायतों में मनरेगा में दिहाड़ी का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है जिसे हर कीमत में पूरा कराया जाए। पंचायतों में काम बहुत है लेकिन रोजगार सेवकों द्वारा रुचि नहीं दिखाई जा रही है जो कि गलत है। उसके बाद पराली प्रबंधन में सचिवों को बताया कि गांव में पराली न जलाने के लिए किसानों को प्रेरित करें। साथ ही बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा अपने गांवों जहां पराली है उसे गोशाला में भिजवाया जिसकी जिम्मेदारी ग्राम सचिव की हैं। इस दौरान बीडीओ सुनील जायसवाल, सचिव राजीव सक्सेना, राजकुमार, सौरभ गंगवार, मो. इरफान, रितेश शुक्ला, रामप्रकाश समेत रोजगार सेवक मौजूद रहे।
पराली जलाने की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार से किसानों की नोकझोंक
गोला रोड पर स्थित गांव कुर्रेयां कला में एक खेत में पराली जलने की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बिगड़ता देख तहसीलदार की सूचना पर एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारी मौके पर पहुंचने के बाद एसडीएम राकेश गुप्ता किसानों के साथ गुरुद्वारा में बैठक की। बैठक में क्षेत्र के कई किसान मौजूद रहें। किसानों को पराली जलाने से मना किया गया। एसडीएम ने कहा कि इससे प्रदूषण होता है। कोर्ट ने भी रोक लगाई है। इस पर किसानों ने कहा कि गन्ना मूल्य का भुगतान भी 14 दिनों में किसान के खाते में देने का आदेश कोर्ट ने दिया है उस पर कितना अमल किया जा रहा हैं। धान का मूल्य भी नहीं मिल रहा है। किसान परेशान हैं। खेत में पड़ी पराली को किसान कहां ले जाए। जिस पर एसडीएम राकेश गुप्ता ने बताया कि पराली को हटाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। इसके लिए मजदूरी का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। एसडीम ने काफी समझाने को प्रयास किया लेकिन किसान नहीं मानेे।
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