पूरनपुर। शारदा नदी पर आवागमन के लिए निर्धारित समय 15 अक्तूबर को पैंटून पुल नहीं बन सकेगा। वजह नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ और कई धारों में नदी के बहना बताया जा रहा है। नदी का जलस्तर कम होने पर नवंबर में पैंटून बनने की उम्मीद पीडब्ल्यूडी के अफसर जता रहे है। फिलहाल लोगों के आवागमन के लिए मंगलवार से नदी में विभाग की ओर से नाव का संचालन कराया जाएगा। नाव से नदी पार करने वाले लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांवों में आवागमन को शारदा नदी पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पुल पंद्रह जून को हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुल से आवागमन शुरू करना निर्धारित है। पिछले कई सालों से निर्धारित समय से पहले ही पुल हटा लिया जाता है और निर्धारित तिथि के बाद पुल से आवागमन शुरू हो पा रहा है। शारदा नदी पर इस बार भी निर्धारित तिथि पर पैंटून पुल नहीं बन सकेगा। वजह नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ बताया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के जेई मुकेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी बढ़ा हुआ है। जिस स्थान पर पैंटून पुल बनाया जाता है। उस स्थान के आसपास नदी पांच, छह धारों में बह रही है। नवंबर माह में जलस्तर कम होने पर पैंटून पुल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार से नदी में नाव का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। नाव से नदी पार करने पर लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
30 की जगह 130 किलोमीटर तय करनी होती है दूरी
शारदा नदी पर पांटून पुल न बनने से लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन के लिए 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। तहसील मुख्यालय से शारदा पार के गांवों से आवागमन को लोगों को शाहजहांपुर के खुटार, लखीमपुर खीरी के मैलानी, पलिया, संपूर्णानगर होते हुए आवागमन करना होता है।
सोलह ग्राम पंचायतों की एक लाख आबादी को होती है असुविधा
शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधीनगर, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित सोलह ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख की आबादी है। बारिश में पैंटून पुल हटने से लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन में भारी असुविधा होती है।