पीलीभीत। जिले में तैनात रहे तहसीलदार के प्रपत्र की फाइल गायब होने और एसडीएम द्वारा जांच कराने के मामले में सेवानिवृत्त राजस्व पटल सहायक के खिलाफ अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कलक्ट्रेट राजस्व सहायक पटल सहायक संजीव सहगल ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया, कि वीरेंद्र कुमार राजस्व सहायक 31 जुलाई 2014 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वीरेंद्र कुमार द्वारा अपने सेवाकाल में तत्कालीन तहसीलदार दूधनाथ राम की चिकित्सा प्रपत्रों की पत्रावली को प्राप्त किया था। लेकिन न तो उनके द्वारा सामान्य अभिलेखागार में दाखिल किए गए और न ही दूधनाथ राम की अग्रिम तैनाती जनपद चित्रकूट को प्रेषित की गई। अभिलेख न मिलने पर डीएम ने नौ जुलाई 2021 के अंतर्गत एसडीएम रामस्वरूप से जांच कराई। तो जांच में वीरेंद्र कुमार तत्कालीन राजस्व सहायक संप्रति सेवानिवृत्त को दूधनाथ राम तत्कालीन तहसीलदार की व्यक्तिगत पत्रावली एवं चिकित्सा प्रपत्र की पत्रावली गायब करने के लिए दोषी पाया गया। इस मामले में उच्चधिकारियों के निर्देेश पर तत्कालीन राजस्व सहायक वीरेंद्र कुमार के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना शुरू कर दी है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।