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नलडेंगा में कटान कर तटबंध के निकट पहुंची शारदा

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पीलीभीत। शारदा नदी ने जलस्तर कम होने के बाद रविवार रात से नलडेंगा क्षेत्र में ठोकर संख्या-27 को अपना निशाना बना डाला। इससे करीब 20 मीटर ठोकर नदी की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा फसलों समेत छह एकड़ कृषि भूमि भी नदी में समा गई। ग्रामीण कटान रोकने के लिए खुद ही जुट गए हैं।
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शारदा नदी का जलस्तर इन दिनों घट-बढ़ रहा है। फिलहाल नदी पूर्व से नलडेंगा और रमनगरा बुझिया क्षेत्र को निशाने पर लेकर कटान कर रही है। इधर, रविवार रात नदी ने नलडेंगा क्षेत्र के महत्वपूर्ण ठोकर संख्या-27 को निशाने पर लेकर गोलाई में कटान शुरू किया। ठोकर का करीब 20 मीटर भाग नदी की भेंट चढ़ चुका है। इसकी भनक लगने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीण घबरा गए। ग्रामीण सुशांत डाली, चितरंजन बारोई ने इसकी जाकारी अन्य ग्रामीणों को दी। आनन-फानन में ग्रामीणों ने खुद ही पेड़ों को काटकर झाड़ झंखाड़ डालकर कटान रोकने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान विवेकानंद ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अभियंताओं को दी। ग्रामीणों के मुताबिक नदी ने यहां पर चालू बरसात में पहली बार कटान शुरू किया है। फिलहाल नदी ने ठोकर संख्या 27 और 28 काटने के बाद करीब छह एकड़ कृषि भूमि का भी कटान कर लिया। नदी का कटान इसी तरह जारी रहा तो स्थिति खराब हो सकती है। इधर रामनगरा बुझिया में शारदा नदी धीमी गति से लगातार कटान कर रही है। नदी के दोनों किनारों पर किसानों की जमीन कट रही है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर कानूनगो बृजेंद्र राणा ने राजस्व लेखपाल के साथ काश्तकारों की जमीन जो नदी में समा गई है उसका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है।
नलडेंगा क्षेत्र में कटान को देखते हुए बैंबूकटर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
राजकुमार, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड
खलीनवादा में कटान रोकने के लिए अस्थाई बचाव कार्य शुरू
पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के बाद कुछ दिन पूर्व देवहा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया था। हालांकि उस दौरान कहीं कटान तो नहीं हुआ, मगर जलस्तर कम होते ही नदी ने तीन दिन पूर्व अमरिया क्षेत्र के खलीनवादा गांव के पास तेजी से कटान शुरू कर दिया था। यहां नदी ने पांच बीघा कृषि भूमि काट ली, जबकि कटान रोकने को बनाए गए सात कटर में तीन कटर क्षतिग्रस्त हो गए थे। कटान की जानकारी बाढ़ खंड के अभियंताओं ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया था और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। इधर जलस्तर कम होने के बाद सोमवार से खलीनवादा में कटान स्थल पर अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य कराने की तैयारी शुरू कर दी। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि पहले क्षतिग्रस्त हुए कटर की मरम्मत की जाएगी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अन्य बचाव कार्य भी कराए जाएंगे।
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