पीलीभीत। गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह में सांसद वरुण गांधी ने खिलाड़ियों के लिए सम्मानित किया। इसके बाद संबोधित करते हुए कहा कि खेल हार जीत के बाद भी एक दूसरे को जोड़ने का काम करता है। अनुशासन में रहने के साथ प्रतियोगिता के दौरान मिली हार भी को भी मर्यादा में रहकर स्वीकार करना सिखाता है। खेल ऊंच-नीच भेदभाव से अलग प्रेम की एक मिसाल है। इसके बाद गांधी सभागार में विद्यार्थी, अभिभावक और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की।
दिल्ली से एक दिवसीय दौरे पर सांसद वरुण गांधी जनपद में पहुंचेे। इसके बाद सुबह दस बजे गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के जो नौजवान हैं उनमें कुछ करने का जज्बा है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं को उभारने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अपने स्तर से समय-समय पर प्रयास किए हैँ। निजी खर्च पर ज्यादातर गांवों में क्रिकेट किट आदि खेल सामग्री भी बांटी। भविष्य में भी इस क्षेत्र में और अधिक काम करेंगे। इसके खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
अभिभावक व प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की
सम्मान समारोह के बाद सांसद ने गांधी सभागार में विद्यार्थी, अभिभावक, प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। कहा कि इसमें कोरोना काल मे जिले में अनाथ हुए गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात जानकारी मिली थी। जिले के निजी स्कूलों के साथ बैठक कर उनके इंटर तक कि फ्री शिक्षा की बात की। बैठक में मौजूद बेनहर पब्लिक स्कूल, स्प्रिंगडेल स्कूल, गुरु तेग बहादुर, सेंट जोसेफ, सरस्वती विद्यालय के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सांसद की इस पहल की सभी ने सराहना की। स्कूल के प्रतिनिधियों ने चिह्नित बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली।
100 और बच्चों की निशुल्क शिक्षा का बंदोबस्त किया जाए
सांसद वरुण गांधी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अगले एक दो माह में 100 और गरीब व अनाथ बच्चों की निशुल्क शिक्षा का बंदोबस्त किया जाए। कहा कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है और कोई भी आंदोलन तभी सफल होता है जब हर आदमी थोड़ा थोड़ा बोझ अपने ऊपर ले लेता है। इस मौके पर डीएम पुलकित खरे, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार, आविद अली, रतनदीप गंगवार मौजूद रहे।
इन खिलाड़ियों को सांसद ने किया सम्मानित
पांच वर्षों में राज्यस्तर पर खेल हुए खिलाड़ियों शशि प्रभा, पायल वर्मा, आदित्य कुमार, रवि मिश्रा, सचिन कुमार, प्रांजल प्रजापति, मुजम्मिल, प्रशंसा सक्सेना, सुनीता कुमारी, करिश्मा सोनकर समेत डेढ़ दर्जन खिलाड़ियों और टोक्यो में चल रहे ओलंपिक खेल में भारत की ओर से हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत के पिता इकबाल सिंह और माता मंजीत कौर को भी सम्मानित किया।