पीलीभीत। भू-माफिया पर शिकंजा कसने के लिए विभागीय स्तर से पोर्टल पर दर्ज की गई कार्रवाई में गलतियां मिलने पर डीएम ने नए सिरे से सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। समस्त एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में कोई संपत्ति अवैध कब्जे से जुड़ी मिलती है तो उसे कब्जा मुक्त कराकर भू-माफिया पर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के चर्चित बिकरू कांड के बाद से ही शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में भू-माफिया पर कार्रवाई चल रही है। उनकी संपत्ति जब्त करने के साथ ही कई इमारतों को भी जमींदोज किया जा चुका है। हालांकि अभी जिले में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले महीने डीएम ने भू-माफिया पर हुई कार्रवाई का पता लगाने के लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक की थी, इसमें करीब 25 भू-माफिया से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर गलत तरीके से फीड निकली थी। भूमाफिया द्वारा जमीन कब्जाने की बात दर्ज थी। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन के कॉलम में शून्य दर्ज था। इसके बाद भी अंत में निस्तारण दर्शा दिया गया था। डीएम ने इस कमी को पकड़ लिया। सवाल उठाए कि जब कब्जा मुक्त कराई गई जमीन शून्य रही, फिर निस्तारण कैसे हो गया। अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं की गई या फिर पोर्टल पर हवा हवाई आंकड़े दर्ज कर दिए गए थे। डीएम ने संबंधित 25 भू-माफिया पर अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा तलब किया है। समस्त एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के भू-माफिया का दोबारा सत्यापन कराना होगा। यह स्पष्ट करना होगा कि भू-माफिया ने कितनी जमीन पर कब्जा किया था और उससे कितनी जमीन कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है। अगर कहीं पर जमीन पर अभी भी कब्जा है तो टीम बनाकर उसे हटवाया जाएगा। यही नहीं कब्जा मुक्त कराई जमीन अभी भी सुरक्षित है या नहीं। उसे सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाए गए, इसकी भी जानकारी देनी होगी। डीएम द्वारा सत्यापन का निर्णय लेने के बाद भूमाफिया की मुश्किल बढ़ती दिखाई दे रही है।
कई अन्य पर भी हो सकती है कार्रवाई
रिकॉर्ड में दर्ज 25 भू-माफिया के सत्यापन की शुरुआत हो चुकी है। कई अन्य भी ऐसे लोग अधिकारियों की निशाने पर हैं, जिन्हें अभी तक इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। उन्हें लेकर भी कार्रवाई का रुख तय किया जा रहा है। साक्ष्य जुटाने के बाद उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। इसके संकेत भी अधिकारियों ने दिए हैं।
बड़ी कार्रवाई की चर्चा से बढ़ीं धड़कनें
अधिकारी भले ही पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी में गड़बड़ी मिलने पर सत्यापन की बात कर रहे हो, मगर एक चर्चा और भी तेज है। जिसने भू-माफिया की धड़कन बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि सत्यापन के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पिछले महीने हुई समीक्षा बैठक में भू-माफिया से जुड़ी जानकारी गलत अपलोड मिली थी। इसे लेकर दोबारा से सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। समस्त एसडीएम को निर्देशित कर दिया गया है। अगर कहीं कब्जा अभी भी बाकी है तो उसे सख्ती से हटवाया जाएगा। - पुलकित खरे, डीएम