पूरनपुर। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन और न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन अब एक हो गए हैं। पूरनपुर में अब प्रगतिशील बार एसोसिएशन होगी। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन का चुनाव अब 29 नवंबर को होगा। पहले इसकी तिथि 24 नवंबर निर्धारित की गई थी। बुधवार को सदस्य बनने की प्रक्रिया समाप्त हो गई।
पूरनपुर में वर्ष 2016 से पहले प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन हुआ करती थी। इसके बाद न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन बनी। तब से पूरनपुर में दो बार होने से वकीलों के दो अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी चुने जाते थे। वकीलों की एकजुटता को लेकर इस बार कुछ वकील दोनों बार के वकीलों को एकजुट करने के प्रयास शुरू किए। इसको लेकर बैठक हुई और दोनों बार का आपस में एक हो गई। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के चुनाव की तिथि भी घोषित कर दी गई। चुनाव अधिकारी इफ्तखार खान को बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों बार के एक होने से पहले प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन का चुनाव 24 नवंबर को कराना तय हुआ था। अब चुनाव की तारीख में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को सदस्य बनने की समय सीमा समाप्त हो गई। 12 नवंबर को अनंतिम सूची जारी की जाएगी। 13 नवंबर से 16 नवंबर तक अनंतिम सूची पर आपत्ति ली जाएगी और उनका निस्तारण होगा। 17 नवंबर को अंतिम सूची जारी होगी। 22 नवंबर को नामांकन होगा। 23 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच, 25 नवंबर को नाम वापसी, 29 नवंबर को प्रात: 10 बजे से तीन बजे तक मतदान और इसके बाद मतगणना होगी। न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रजनीश सक्सेना ने बताया कि वकीलों की एकजुटता के लिए दोनों बार एक हुए है। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिशन के पूर्व अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि दोनों बार के वकीलों की हुई बैठक में एकजुट होने का निर्णय हुआ। इस पर दोनों बार एक हो गए है।
दोनों बार के धुरंधर हैं अध्यक्ष पद के दावेदार
पूरनपुर। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के चुनाव में किस पद के लिए कौन चुनाव लड़ेगा, यह तो नामांकन वापसी के बाद ही तय हो पाएगा। मगर अभी से प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय सक्सेना और न्यू प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रजनीश सक्सेना अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए संपर्क में जुट गए है। संजय सक्सेना ने बताया कि अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ूंगा। रजनीश सक्सेना ने बताया कि अभी तक संजय सक्सेना और वे अध्यक्ष पद के दावेदार है। हालांकि नामांकन वापसी के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।