पीलीभीत। पुष्प इंस्टीट्यूट में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने कहा कि सोशल मीडिया पर रहें लेकिन सजगता बहुत जरूरी है। उन्होंने बेटियों को आत्मनिर्भर व स्वाभिमानी बनने का संदेश दिया।
इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक डॉ. एसपीएस संधू ने मुख्य अतिथि एएसपी का स्वागत किया। एएसपी ने बेटियों को पहला संदेश आत्मनिर्भर बनने का दिया। उन्होंने कहा कि पहला काम पढ़ाई करके अपना कॅरियर बनाने का है। पढ़ाई के दौरान कोई दिक्कत आती है और परिवार वालों को बताने से कतराते हैं, तो पुलिस के हेल्पलाइन नंबर पर बता सकते है। इससे समस्या का समाधान हो जाएगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा। बताया कि महिला उत्पीड़न के अधिकतर मामले ऐसी ही महिलाओं के आते हैं जो कम शिक्षित या दूसरों पर निर्भर होती हैं। उन्होंने बेटियों को सुरक्षा व साइबर क्राइम से जुड़े टिप्स भी दिए। प्रशिक्षु एसडीएम अजेंद्र सिंह ने भी साइबर क्राइम को लेकर छात्राओं को अलर्ट किया। किस तरह से सोशल मीडिया पर क्राइम बढ़ता है। इसकी जानकारी दी। पुलिस की पाठशाला में साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर अजयकुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। साइबर सेल के सीसीओ अनुज कुमार ने साइबर क्राइम की जानकारी देते हुए कहा कि यह छह प्रकार से क्राइम होता है। इनमें साइबर बुलिंग, साइबर ग्रूमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, ई-मेल स्पूफिंग, बैकिंग फ्रॉड, सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल सुरक्षा के बारे में विस्तार से जारी दी। संचालन शिक्षिका अरीना खां ने किया। प्राचार्य डॉ. मोहम्मद सलीम ने सभी का आभार व्यक्त किया। कॉलेज स्टाफ मिस्बाह खान अनुज भटनागर, साइबर सेल से अंकुर और अमित मौजूद रहे।
पुलिस की पाठशाला में बेटियों के इन सवालों के एएसपी ने दिए जवाब
- अगर कोई व्यक्ति परेशान करता है। तो किस प्रकार की उसे सजा दी जाती।
- जो लड़कियां ग्रामीण क्षेत्र से आती हैं, वह अपनी सुरक्षा कैसे करेंगी
- अगर कॉलेज की टीचर की ओर से कोई मेल या कॉल, व्हाट्सअप मेसेज आता है, तो क्या करें
- अगर हम साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं, तो अपनी पहचान को गोपनीय रखते हुए किसा प्रकार एक्शन लें
- साइबर क्राइम से अगर व्हाट्सएप हैंक किया जाए, तो ऐसे में क्या करना चाहिए
- रास्तें में अगर कोई परेशान कर रहा है और घर बताना नहीं चाहते, तो ऐसे में पुलिस की मदद कैसे मिलेगी
साइबर सेल की टीम ने ये सीख दी
- सोशल मीडिया आभासी दुनिया है। यहां हर शख्स अपना अच्छा चेहरा पेश करता है। इसलिए अनजान लोगों से दोस्ती से बचें वर्ना बड़े खतरे में पड़ सकती हैं।
- पुलिस केवल डराने धमकाने के लिए नहीं है। वह अच्छी भी होती है। यह भरोसा रखें और किसी भी संकट में 112 डायल कर दें। आप रात में कहीं भटक जाएं तो भी बताएं, 112 की गाड़ी आपको घर पर छोड़ेगी।
- साइबर क्राइम की शिकायत 155260 हेल्प लाइन नंबर पर की जा सकती है।
क्या बोलीं बेटियां
महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बहुत अच्छा काम कर रही है। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की बात बहुत अच्छी लगी। पढ़ लिखकर जब अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे तो समाज हित में काम करेंगे। - पिंकी बीएससी द्वितीय वर्ष
शहर में रहने वाली महिलाओं और छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इससे अनभिज्ञ हैं। उन्हें जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। कम से कम वह भी इनके महत्व को समझ सकें। - नंदिता बाला मिश्रा, बीएड, द्वितीय वर्ष
अपनी पढ़ाई के साथ-साथ हमें अपने समाज को जागरूक भी करना चाहिए। जो लोग नहीं जानते हैं, उन्हें भी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम करना चाहिए। मैं इस मिशन को आगे बढ़ाऊंगी। - अनीता वर्मा, बीएड द्वितीय वर्ष
पुलिस की पाठशाला में बहुत जानकारी मिली है। इससे काफी कुछ सीखने के बाद अपराध से बचा जा सकता है। पुलिस का सहयोग बहुत जरूरी होता है। इसको लेकर भ्रम दूर हो गया है। शुक्रिया अमर उजाला, जो पाठशाला का आयोजन किया। - सनम फातिमा, बीबीए प्रथम वर्ष