पीलीभीत। कलीनगर तहसील के गांव मत्थना क्षेत्र में धान का समर्थन मूल्य न मिलने के विरोध में किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाकर विरोध किया था। तहसील प्रशासन की ओर से मामले में 27 लोगों पर मुचलका पाबंद करने की कार्रवाई की गई। नोटिस पहुंचने के बाद किसानों में रोष फैल गया। शनिवार को किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कार्रवाई खत्म न करने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी।
मत्थना जप्ती क्षेत्र में 10 अक्तूबर को धान का समर्थन मूल्य न मिलने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के करीब किसान एकत्र हुए थे। किसानों ने विरोध करते हुए सामूहिक रूप से मत्थना, पुरैनी दीप, रानीगंज, बांसखेड़ा समेत गांव में पहुंचकर पराली में आग लगाई थी। सूचना के बाद एडीएम और एएसपी के पहुंचने पर मत्थना जप्ती के एक धार्मिक स्थल पर अफसरों और किसानों के बीच बैठक हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला था। इधर, कलीनगर तहसील प्रशासन की ओर से मामले में क्षेत्र के 27 लोगों को चिह्नित करते हुए मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई। तीन दिन पूर्व नोटिस पहुंचने के बाद जब किसानों को कार्रवाई की जानकारी मिली तो आक्रोश फैल गया। संयुक्त किसान मोर्चा बैनर तले न किसान शनिवार को एकत्र हुए। किसान पहले तहसील पहुंचे, लेकिन एसडीएम के थाना परिसर में होने पर किसानों ने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में गुरुदीप सिंह गोगी, रंजीत सिंह, बलवीर सिंह, रामपाल, रेशन, दलवीर सिंह समेत किसानों मौजूद रहे।
सूचना देने के बाद खेतों से पराली न हटवाने पर किसानों में रोष
पूरनपुर। खेतों में पराली के ढेर लगे होने की सूचना देने के बाद भी खेतों से पराली न हटने पर किसानों में रोष है। किसानों ने एसडीएम और सीओ को ज्ञापन देकर खेतों में से पराली हटवाने और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। गांव बेगपुर निवासी लखविंदर सिंह, हरसिंहपुर निवासी बलजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, बेगपुर निवासी शमशेर सिंह ने एसडीएम को ज्ञापन देकर खेतों से पराली हटवाने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि कई बार कर्मचारियों को पराली हटवाने की मांग को लेकर फोन किया गया मगर पराली खेतों से नहीं हटवाई गई। इसके अलावा किसानों ने सीओ को संबोधित ज्ञापन उनके कार्यालय में देकर सूचना के बाद खेतों से पराली न हटवाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई कराने की मांग की है।