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एक हजार से अधिक मृत किसानों के चल रहे गन्ने के सट्टे

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बीसलपुर। विभागीय शिथिलता के चलते गन्ना समिति में पिछले करीब एक वर्ष से एक हजार से अधिक मृत किसानों के गन्ना सट्टे चल रहे हैं। अब इन सट्टों की जांच कर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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सहकारी गन्ना विकास समिति के अभिलेखों के अनुसार समिति क्षेत्र में कुल 1.12 लाख गन्ना किसान हैं। प्रत्येक वर्ष टीमों द्वारा खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी पांच जून से 10 जुलाई तक 50 टीमों द्वारा खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान टीमों को पता चला कि विभिन्न गांवों में एक हजार से अधिक किसानों की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है, मगर उनके गन्ने के सट्टे अभी भी उन्हीं के नाम से चल रहे हैं। इतना ही नहीं उनके बैंक खातों से गन्ना मूल्य का लगातार भुगतान भी हो रहा है। यह भुगतान एटीएम और मृत किसानों के सह खातेदारों द्वारा निकाला जा रहा है। गन्ना अधिनियम के अनुसार गन्ना सट्टे मृत किसानों के नाम से नहीं चल सकते।
इन गांवों में सर्वाधिक मृतक किसानों के नाम सट्टे
बौनी, रसायाखानपुर, किशनी, नरायनपुर, जोगीठेर, दियोरिया, पुरैना, कासिमपुर, खनंका, खरगापुर, जसकरनापुर, नीवाडांडी, इमलिया मरौरी, परसिया, अमृता खास, मंडरा सुमन, भोगापुर, कैथुलिया, चौसरा, अदिलाबाद, रंभोजा, अमरा करोड़, चठिया सेवाराम, अहिरवाड़ा, गंगानगर, गंझाड़ा, बडारा, किशनपुर, पौटाकला, ज्योरह कल्याणपुर, टिकरी, मिघौना, लाडुपूर, रामनगर, रढ़ैता, पैनिया हिम्मत, बमरोली, करेली, ईंटगांव, करनपुर लायकराम, बिचपुरी, गोवल और चौसरा आदि गांवों के अलावा बीसलपुर, बिलसंडा, बरखेड़ा नगरों के भी कई किसानों की मृत्यु हो चुकी है।
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इन कारणों से हुई किसानों की मौत
कोरोना, तेज बुखार, सड़क हादसा, सर्पदंश, हार्ट अटैक, लंबी बीमारी, हत्या और आत्महत्या आदि कारणों से इन किसानों की मौतें हो चुकी है।
परिजन भी करते हैं छिपाने का प्रयास
मृतकों के परिजन भी गन्ना विभाग के कर्मचारियों द्वारा पूछने पर अपने परिवार के मृत किसानों के बारे में सही जानकारी नहीं देते हैं। दरअसल मृत किसानों का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर समिति कार्यालय में जमा करना पड़ता है। मृतकों का बैंक खाता खत्म कराना पड़ता है। मृतकों का सट्टा खत्म हो जाने से गन्ने की पर्चियां कम मिलती है। इन्हीं कारणों से परिजन अपने परिवार के मृत किसानों के बारे में जानकारी देने से कतरा रहते हैं।
26 जुलाई से चलेगा अभियान
26 जुलाई से गन्ना विभाग और चीनी मिलों के कर्मचारी संयुक्त रूप से गांव-गांव जाकर गन्ने सट्टे का प्रदर्शन करेंगे। सट्टे से संबंधित शिकायतें दर्ज करेंगे। मृत किसानों की सूची बनाकर समिति में चल रहे उनके सट्टों को खत्म कराएंगे। - आरपी कुशवाहा, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर
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