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'मुझे खुद से बहुत प्रॉब्लम है, मैं जीना नहीं चाहती'

Thu, 31 Oct 2013 01:25 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की 14वीं मजिंल से कूदकर यूएसए में फैशन डिजाइनर अंकिता (30) ने जान दे दी। उसके बैग से एक सुसाइड नोट मिला है, जो रोमन इंग्लिश में लिखा हुआ है।
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उसने सुसाइड के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है और अजित से मुखाग्नि देने की इच्छा जताई।

एसपी सिटी ने बताया कि अजित दिल्ली में डॉक्टर हैं। दोनों का प्रेम प्रसंग था और दोनों शादी करना चाहते थे। परिजन और अंकित शादी में मतभेद की बात से इनकार कर रहे हैं, मगर आत्महत्या की वही एक वजह लग रही है।

अंकिता मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती थी। 20 दिन पहले ही दिल्ली आई थी। एसओ विजयनगर हरदयाल यादव ने बताया कि मंगलवार देर रात क्रॉसिंग्स की जीएच-7 सोसायटी के टावर नंबर एक से कूदकर अंकिता ने सुसाइड किया।
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सोसायटी के गार्डों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। 11:25 बजे उसे एमएमजी मोर्चरी लाया गया। अंकिता के मोबाइल से बात करने पर उसकी पहचान हुई। वह आन्नद विहार के बी-34 निवासी प्रमोद मित्तल की बेटी थी। प्रमोद का दिल्ली में डिपार्टमेंटल स्टोर का कारोबार है।

एसओ ने बताया कि अंकिता का दिल्ली कश्मीरी गेट के एक ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत डॉक्टर अजित से डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी दोनों के परिजनों को थी।

मंगलवार शाम अंकिता परिजनों से अजित से मिलने की बात कहकर जैन कार में घर से निकली थी। इस दौरान उसकी अजित से बात भी हुई थी। रात करीब साढ़े नौ बजे अजित का एसएमएस उसके मोबाइल पर मिला है, जिसमें लिखा है ‘कॉल मी अर्जेंट।’

एसओ ने बताया कि अंकिता की कार क्रॉसिंग्स सोसायटी के गेट नंबर एक के बाहर संदिग्ध हालात में खड़ी मिली थी। कार में पुलिस को कपड़े और टेडीबियर मिला है। परिजन कार को अपने साथ ले गए हैं। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर युवती के क्रासिंग में आने के कारणों को पता करने में जुटी है।

ये लिखा सुसाइड नोट में
मां मैं जा रही हूं। मैंने जितना जिया वही काफी है मेरे लिए। मैं इंडिया वापस इसलिए आई थी कि आप लोगों के साथ कुछ वक्त बिताया जा सके। मुझे माफ कर देना। मेरे इस कदम के लिए कोई भी रिस्पांसिबल नहीं है। सिर्फ मैं ही रिस्पांसिबल हूं। मुझे किसी से कोई प्रॉब्लम नहीं है। वैसे, मुझे खुद से बहुत प्रॉब्लम है। मैं और जीना नहीं चाहती, इसलिए जा रही हूं हमेशा के लिए। मेरा जितना सामान इस घर में है बस वही है। और कुछ नहीं है। मां मेरी एक विश पूरी कर सको तो कर देना कि मेरी बॉडी को आग अजित से लगवाना। प्लीज मां और किसी को मेरी डेथ का रिस्पांसिबल (जिम्मेदार) मत मानना। आपकी बेटी बहुत कमजोर है मां, इसलिए सुसाइड करने जा रही हूं। बाय।
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- आपकी बेटी, अंकिता उर्फ अनु
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