दस साल पहले शामली के फतेहपुर गांव में कुकर्म के बाद छह साल के बच्चे की हत्या के मामले में अभियुक्त को अदालत ने उम्रकैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश जमशेद अली ने की। एक अभियुक्त की मुकदमे के ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है।
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लोक अभियोजक एससी/एसटी यशपाल सिंह और एडीजीसी फौजदारी सहदेव सिंह ने बताया कि कांधला थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 16 सितंबर 2012 को छह साल का सोनू संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गया था। परिजन तलाशते हुए जंगल में पहुंचे तो बच्चे के चीखने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने मौके से बच्चे की गला दबाकर हत्या कर रहे फतेहपुर के ही आरोपी शमीम को पकड़ लिया।
ग्रामीणों ने आरोपी की पिटाई की तो उसने दूसरे साथी का नाम मलकपुर निवासी जुल्फिकार बताया। बच्चे की कुकर्म के बाद हत्या की गई थी। मृतक के चाचा तेजपाल ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।
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वहीं प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश जमशेद अली ने की। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। ट्रायल के दौरान आरोपी जुल्फिकार की मौत हो गई। गुरुवार को अदालत ने अभियुक्त शमीम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। धारा 302 व एससी/एसटी एक्ट में उम्रकैद और पांच हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 377 में 10 साल की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड की सजा दी गई है।