फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर: नकली सीमेंट फैक्टरी का भंडाफोड़, मौके से तीन आरोपी दबोचे, जांच में खुलेंगे बड़े राज

Tue, 02 Nov 2021 12:23 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर में एक नकली सीमेंट की फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को दबोचा है और वहां से नकली सीमेंट की बोरी सहित मशीन और अन्य सामान बरामद किया है।
विज्ञापन
नकली सीमेंट बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर के गांव मुस्तफाबाद-बिलासपुर के जंगल में एक सप्ताह से चल रही नकली सीमेंट फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वेस्ट हो चुके सीमेंट को मशीन में पीसकर उससे नया सीमेंट तैयार कर रहे थे। मौके से छह सौ से अधिक नकली सीमेंट के बैग, खाली बैग, वेस्ट हो चुका सीमेंट, मशीन और एक गाड़ी बरामद की गई है। 

विज्ञापन


नई मंडी कोतवाली पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद गांव मुस्तफाबाद-बिलासपुर के जंगल में स्थित एक खाली गोदाम पर छापा मारा। सीओ मंडी हिमांशु गौरव ने बताया कि मौके पर नकली सीमेंट फैक्टरी चलती मिली, जहां पुराने वेस्ट हो चुके सीमेंट को मशीन में पीसकर उससे एसीसी, अल्ट्राटेक व वंडर सीमेंट बनाया जा रहा था। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मोहल्ला जसवंतपुरी निवासी शहजाद, पुरकाजी के मोहल्ला झोझियान निवासी वाजिद और रईस शामिल हैं। 

उन्होंने बताया कि फैक्टरी से करीब 629 नकली एसीसी, वंडर व अल्ट्राटेक सीमेंट के बैग के साथ ही वेस्ट सीमेंट को पीसने वाली मशीन, पुराना व खराब हो चुका सीमेंट और एक गाड़ी बरामद की गई है। वहीं, इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि फैक्टरी करीब एक सप्ताह से चल रही थी, जिसके संचालक की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा कि उन्होंने अब तक कहीं नकली सीमेंट की सप्लाई की है या नहीं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: मेरठ: सोतीगंज में पुलिस का छापा, वॉशिंग मशीन के अंदर मिले बाइक के इंजन, टंकी और पुर्जे

विज्ञापन

शेरनगर और रामपुर तिराहा पर पकड़ी जा चुकी हैं फैक्टरी
जनपद में इससे पहले भी रामपुर तिराहा और गांव शेरनगर में नकली सीमेंट फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी हैं। यहां भी पुराने व खराब हो चुके सीमेंट को पीसकर नई पैकिंग कर बाजार में उतारा जाता था। इनमें रामपुर तिराहा फैक्टरी से तो जनपद के बाहर नकली सीमेंट सप्लाई होता था, जबकि शेरनगर और मुस्तफाबाद फैक्टरी को सप्लाई शुरू करने से पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया।

यह भी पढ़ें: सामने आया बड़ा खेल: अफसरों ने खूब भरी जेब, पोल खुली तो अधिकारियों में मचा हड़कंप, देखिए तस्वीरें

पकड़ नहीं बनाता नकली सीमेंट, गिर सकती है बिल्डिंग
भरतिया कॉलोनी निवासी भवन निर्माण विशेषज्ञ वर्धमान जैन का कहना है कि सीमेंट एक बार जमकर खराब होने के बाद उसमें मिश्रित तत्व निष्क्रिय हो जाते हैं। यदि उसे पीसकर दोबारा सीमेंट बनाया जाए तो उसमें निर्माण सामग्री से पकड़ बनाने या उन्हें जोड़ने के तत्व नहीं आ पाते। इसलिए पीसकर बनाया गया सीमेंट पूरी तरह से बेकार ही रहता है। यदि इस तरह के सीमेंट को किसी भी निर्माण सामग्री में मिलाकर इस्तेमाल कर लिया जाए तो संबंधित बिल्डिंग के गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें