शेरनगर और रामपुर तिराहा पर पकड़ी जा चुकी हैं फैक्टरी
जनपद में इससे पहले भी रामपुर तिराहा और गांव शेरनगर में नकली सीमेंट फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी हैं। यहां भी पुराने व खराब हो चुके सीमेंट को पीसकर नई पैकिंग कर बाजार में उतारा जाता था। इनमें रामपुर तिराहा फैक्टरी से तो जनपद के बाहर नकली सीमेंट सप्लाई होता था, जबकि शेरनगर और मुस्तफाबाद फैक्टरी को सप्लाई शुरू करने से पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया।
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पकड़ नहीं बनाता नकली सीमेंट, गिर सकती है बिल्डिंग
भरतिया कॉलोनी निवासी भवन निर्माण विशेषज्ञ वर्धमान जैन का कहना है कि सीमेंट एक बार जमकर खराब होने के बाद उसमें मिश्रित तत्व निष्क्रिय हो जाते हैं। यदि उसे पीसकर दोबारा सीमेंट बनाया जाए तो उसमें निर्माण सामग्री से पकड़ बनाने या उन्हें जोड़ने के तत्व नहीं आ पाते। इसलिए पीसकर बनाया गया सीमेंट पूरी तरह से बेकार ही रहता है। यदि इस तरह के सीमेंट को किसी भी निर्माण सामग्री में मिलाकर इस्तेमाल कर लिया जाए तो संबंधित बिल्डिंग के गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है।