आरोपी को बचाने में पुलिस के छूटे पसीने
पुलिस आरोपी को लेकर चलने लगी तो भीड़ ने घेर लिया। आरोपी को खींचने की कोशिश की। इस पर पुलिसकर्मियों ने मंदिर के बरामदे में एक सुरक्षा घेरा बनाकर आरोपी युवक को बीच में ले लिया। यह सूचना तुरंत ही अधिकारियों को दी गई। इसके बाद ही एसपी देहात आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद आरोपी को थाने ले जाया जा सका। इस दौरान तितावी, चरथावल और भौराकलां थानों की पुलिस तैनात रही। लोगों के गुस्से को देखकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मंदिरों की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। खंडित मूर्ति होने के बाद लोगों ने दूसरी मूर्ति लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपियों पर रासुका लगाए जाने की मांग
हिंदू जागरण मंच के नेता नरेंद्र पंवार ने कार्यकर्ताओं के साथ एसपी देहात को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी किया जाए। सभी पर रासुका की कार्रवाई की जाए। चौकी व थाना पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। मंदिरों पर पुलिस की गश्त कराई जाए। आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की जाए। इस दौरान रविंद्र कश्यप, प्रवीण सैनी ग्राम प्रधान बघरा, शिवकुमार सैनी, प्रमोद, नरेश, सागर कश्यप, अमित धर्मा आदि मौजूद रहे।
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थाने में यह दी तहरीर
धार्मिक स्थल समिति के पूर्व प्रधान बघरा निवासी हिमांशु ने तहरीर देकर कहा कि वह सुबह के समय मंदिर के बाहर से गुजर रहे थे। मंदिर के अंदर दो व्यक्तियों को घटना करते हुए देखा, तब शोर मचाकर प्रवीण, सचिन, रवि, सोनू आदि की मदद से दोनों को पकड़ लिया। दोनों को थाने लाया गया। प्रतीत हो रहा है कि दोनों व्यक्तियों के साथ अन्य लोगों की भी साजिश है। जो षड्यंत्र रचकर सांप्रदायिक माहौल खराब कराने का प्रयास कर रहे हैं।
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एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। मूर्ति खंडित करने के पीछे और किसका हाथ है, मामले में याकूब व उसके भाई फारूख को हिरासत में लेकर पूछताछ की जारी रही है। सीओ फुगाना शरद चंद ने जानकारी दी कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वहीं आरोपी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं थी।