मौलाना कलीम सिद्दीकी ने पढ़वाया था कलमा
चरथावल निवासी अमित प्रजापति का कहना है कि मई 2014 में उसे आरोपी फुलत स्थित मदरसे में ले गए, जहां मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कलमा पढ़वाकर उसका धर्म परिवर्तन करने के बाद नया नाम अब्दुल्ला रखा। इसके बाद उसे महाराष्ट्र जमात में ले जाकर नमाज व कलमा पढ़ना सिखाया गया। वहां से वर्ष 2015 में उसे मदरसा देवबंद में उर्दू व अरबी भाषा सीखने के लिए भेजा गया, जहां उसे अन्य धर्मों के युवक-युवतियों को मुस्लिम धर्म में शामिल कराने के लिए कहा गया। गौरतलब है कि फुलत मदरसे के मौलाना कलीम सिद्दीकी को संगठित तरीके से धर्मांतरण अभियान चलाने के आरोप में लखनऊ एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
वीडियो बनवाकर दिलाए आपत्तिजनक बयान
चरथावल निवासी अमित प्रजापति का कहना है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत अन्य आरोपियों ने एक साल पूर्व उससे एक वीडियो बनवाकर अन्य धर्मों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिलवाए गए। बाद में उक्त वीडियो को एक यूट्यूब चैनल अलकलम पर वायरल कर दिया गया, जो अब भी इस चैनल पर मौजूद है।
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दो दिन तक मामला दबाए रही थाना पुलिस
लालच देकर युवक का धर्मांतरण कराने के मामले में एटीएस के हत्थे चढ़े फुलत मदरसे के मौलाना कलीम सिद्दीकी के संलिप्त होने के बावजूद चरथावल थाना पुलिस तहरीर को दो दिन तक दबाए रही। इसे लेकर हिंदू जागरण मंच द्वारा आवाज उठाने के बावजूद थाना पुलिस की कार्यशैली नहीं सुधरी और पीड़ित को आश्वासन में उलझाए रखा गया। मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद आखिरकार बुधवार को थाना पुलिस हरकत में आई और धर्मांतरण कानून के तहत मामला दर्ज कर फजीहत से बचने का प्रयास किया गया।