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यूपी: मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कराया था धर्मांतरण, मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज, खुले कई बड़े राज

Thu, 11 Nov 2021 12:37 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

धर्मांतरण मामले में एक बार फिर से मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मौलाना कलीम सिद्दीकी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल में कस्बा निवासी युवक ने चार लाख रुपये का लालच देकर धर्मांतरण कराने और गोमांस खिलाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए फुलत मदरसे के मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत सात आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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कस्बा निवासी अमित प्रजापति ने तहरीर देकर बताया कि उसकी मुलाकात वर्ष 2014 में एक फर्नीचर शोरूम में हाजी सलीम से हुई थी। आरोप है कि उसने चार लाख रुपये देने और पसंद की युवती से शादी कराने का लालच देकर मई 2014 में फुलत मदरसे में ले जाकर उसका धर्म परिवर्तन करा अब्दुल्ला नाम रख दिया। 

इसके बाद उसे जमात में महाराष्ट्र ले जाया गया, जहां 40 दिन रखने के बाद उसे अन्य धर्मों के युवक-युवतियों को मुस्लिम धर्म में शामिल कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उसे चार लाख रुपये दिए गए, जिनसे उसने चरथावल में एक प्लाट खरीद लिया। 
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आरोप है कि 25 अक्तूबर को हाजी सलीम, दिलशाद, जाहिद मुल्ला, नौशाद छोटा, यामीन और इसरार प्रधान उसके घर एक टिफिन में गोमांस लेकर आए और उसे खाने के लिए कहा। इनकार करने पर आरोपी उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने धर्मांतरण कानून के तहत सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


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मौलाना कलीम सिद्दीकी ने पढ़वाया था कलमा
चरथावल निवासी अमित प्रजापति का कहना है कि मई 2014 में उसे आरोपी फुलत स्थित मदरसे में ले गए, जहां मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कलमा पढ़वाकर उसका धर्म परिवर्तन करने के बाद नया नाम अब्दुल्ला रखा। इसके बाद उसे महाराष्ट्र जमात में ले जाकर नमाज व कलमा पढ़ना सिखाया गया। वहां से वर्ष 2015 में उसे मदरसा देवबंद में उर्दू व अरबी भाषा सीखने के लिए भेजा गया, जहां उसे अन्य धर्मों के युवक-युवतियों को मुस्लिम धर्म में शामिल कराने के लिए कहा गया। गौरतलब है कि फुलत मदरसे के मौलाना कलीम सिद्दीकी को संगठित तरीके से धर्मांतरण अभियान चलाने के आरोप में लखनऊ एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

वीडियो बनवाकर दिलाए आपत्तिजनक बयान
चरथावल निवासी अमित प्रजापति का कहना है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत अन्य आरोपियों ने एक साल पूर्व उससे एक वीडियो बनवाकर अन्य धर्मों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिलवाए गए। बाद में उक्त वीडियो को एक यूट्यूब चैनल अलकलम पर वायरल कर दिया गया, जो अब भी इस चैनल पर मौजूद है।

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दो दिन तक मामला दबाए रही थाना पुलिस
लालच देकर युवक का धर्मांतरण कराने के मामले में एटीएस के हत्थे चढ़े फुलत मदरसे के मौलाना कलीम सिद्दीकी के संलिप्त होने के बावजूद चरथावल थाना पुलिस तहरीर को दो दिन तक दबाए रही। इसे लेकर हिंदू जागरण मंच द्वारा आवाज उठाने के बावजूद थाना पुलिस की कार्यशैली नहीं सुधरी और पीड़ित को आश्वासन में उलझाए रखा गया। मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद आखिरकार बुधवार को थाना पुलिस हरकत में आई और धर्मांतरण कानून के तहत मामला दर्ज कर फजीहत से बचने का प्रयास किया गया।
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