मुजफ्फरनगर। किसान सेवा सहकारी समिति मुजफ्फरनगर के विक्रेता जय प्रकाश द्वारा करीब 20 हजार रुपये गबन किए जाने के मामले में 34 वर्ष बाद तीन वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न किए जाने पर तीन माह की अतिरिक्त कारावास की काटनी होगी। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, प्रशांत कुमार सिंह की कोर्ट में हुई।
अभियोजन अधिकारी राम अवतार सिंह ने 10 गवाह पेश कर पैरवी की अभियोजन अधिकारी ने बताया कि किसान सहकारी समिति में जयप्रकाश मिट्टी का तेल, कपड़ा व चीनी की बिक्री करता था। 25 नवंबर, 1985 से 26 जुलाई, 1986 तक हिसाब में 19,934 रुपये की गड़बड़ी, गबन पाया गया था। इस पर जांच की गई तो आरोपी जय प्रकाश को गबन का आरोपी पाया गया। रिकॉर्ड में 19,934 रुपये सहकारी समिति में जमा नहीं किया गया। इस कारण तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी ने 28 फरवरी, 1987 को नई मंडी में धारा 409 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ब्यूरो