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तीन डेंगू के नए केस मिले, मलेरिया से पीड़ितों का आंकड़ा 800 के पार पहुंचा 

Tue, 07 Nov 2017 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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सरकारी अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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सोमवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। बदलते मौसम में सेहत का ख्याल नहीं रखने पर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। जिला चिकित्सालय में 2000 से अधिक मरीजों की ओपीडी की गई, जिनमें डेंगू के तीन नए मरीज भी सामने आए हैं। साथ ही मलेरिया से पीड़ितों की संख्या भी 800 के पार पहुंच गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग सर्दी सीजन को लेकर भी मरीजों के बढ़ने का अनुमान लगा रहा है।
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सर्दी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। बदलते मौसम में कई बीमारियां भी पैर पसार लेती हैं, जिनमें खांसी-बुखार, जुकाम के साथ सांस के रोगियों में इजाफा होता है। इसको लेकर जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और स्टाफ को अलर्ट किया गया है। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को खुले स्वामी कल्याण देव चिकित्सालय में दिन निकलते ही मरीजों की संख्या बढ़ गई। दोपहर दो बजे तक चली ओपीडी में 2000 से अधिक मरीजों का चेकअप किया गया।

वहीं, जिले में डेंगू के तीन और नए मरीज मिले हैं। अब यह आंकड़ा 16 हो गया है, जबकि मलेरिया की संख्या भी चौंकाने वाली है। अब तक 817 मलेरिया के पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। डॉ वीके सिंह ने बताया कि 115 लोगों में डेंगू के संभावित लक्षण बताए गए थे, जिनकी ब्लड स्लाइड लेकर जांच कराई गई। जिले में करीब 16 मरीज डेंगू से पीड़ित निकले हैं। मलेरिया के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। 
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सर्दी के मौसम में करें बचाव 
मुजफ्फरनगर। डॉ वीके सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। शुरुआती ठंड में जुकाम, बुखार के साथ सांस के रोगी अधिक बढ़ते हैं। सर्दी के मौसम में बचाव के लिए संतुलित आहार लें, बीमार व्यक्ति से हाथ मिलाते समय सावधानी बरतें। 

वायरल में कमी, मरीज बढ़े 
मुजफ्फरनगर। सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल ने बताया कि बीते तीन दिनों ने वायरल से पीड़ित मरीजों में कमी आई है, मगर ओपीडी में सामान्य मरीजों की संख्या बढ़ी है. जिनमें हल्का बुखार, सिरदर्द, ठंड आदि लगने से पीड़ित ज्यादा है। 

पैथोलॉजी लैबों पर टेढ़ी नजर, लाइसेंस होंगे निरस्त 
बुखार के मरीजों में डेंगू का भय फैलाने वाले चिकित्सकों के साथ पैथोलॉजी लैब भी कसूरवार है। जिले में रेवड़ियों की तरह पैथोलॉजी लैबों को लाइसेंस बांटे गए हैं। अब विभाग की नजर इन पर टेढ़ी हो गई है। क्षेत्रवार लैबों की सूची बनाई गई, जिन पर जल्द ही टीम छापामारी कर मानकों की जांच की जाएगी। मानकों पर नहीं मिलने वाली लैबों के लाइसेंस निरस्त होंगे। इसको लेकर सीएमओ, एसीएमओ और विभागीय चिकित्सकों ने कार्य योजना बनाई है। 

जनपद में बुखार के मरीजों की निजी चिकित्सकों ने जांच कराई है। इसके बाद ही अधिकांश मरीजों को दवाईयां दी गई। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि पैथोलॉजी लैब संचालकों ने आम बुखार के मरीजों को डेंगू से पीड़ित बता दिया। इस खेल में चिकित्सक भी शामिल रहे हैं। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि जनपद में पैथोलॉजी लैबों का कार्य डेंगू फैलाने वाला मिला है।

कई पैथोलॉजी लैब संचालकों ने जो रिपोर्ट निजी चिकित्सकों को दी है, उसमें भी आंकड़ों को गलत बताया गया है। विभाग की जांच में मरीज में अन्य लक्षण मिले हैं, जबकि लैबों ने डेंगू की पुष्टि कर दी। इसको लेकर लैबों की सूची बनवाई गई है। पूर्व में जनपद में पैथोलॉजी लैबों को रेवड़ियों की भांति लाइसेंस बांटे गए हैं। अधिकांश लैबों पर बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की प्रक्रिया, क्वालीफाइड लैब टेक्नीशियन नहीं है।

लैबों को मानकों अनुरूप संचालित नहीं किया जा रहा है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के बाद लैबों पर छापामारी की जाएगी। इसकी कार्ययोजना बना ली गई है। लैबों के माध्यम से ही जिले में डेंगू का खौफ फैला है। अब लैबों के प्रत्येक निमयों, मानकों की जांच होगी। 
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