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UP: ‘मंत्री का सामान है, टोल टैक्स न लिया जाए’, खूब वायरल हो रहा पत्र, सवालों के घेरे में महिला अफसर

Tue, 04 Oct 2022 12:00 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

योगी सरकार में मंत्री बेबी रानी के नाम का पत्र खूब वायरल हो रहा है। यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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वायरल हुआ पत्र। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सूबे की योगी सरकार में महिला एवं विकास कैबिनेट मंत्री व उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का लकड़ी का सामान सहारनपुर से उनके आगरा आवास पर बिना टोल टैक्स के भेजा गया है। सहारनपुर की जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने यहां से सामान लेकर गए गाड़ी चालक को एक प्रमाणपत्र देकर भेजा है। जिसमें लिखा है- यह मंत्री का सामान है, जिससे टोल टैक्स न लिया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

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महिला एवं विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य गत माह सहारनपुर जनपद के दौरे पर आई थीं। यहां से 24 अगस्त को उनके आवास 4/ए जनरल करियप्पा रोड, निकट बालू गंज पुलिस चौकी, आगरा एक गाड़ी में सामान भेजा गया। जिस गाड़ी में यहां से सामान भेजा गया, उसके चालक को जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने अपने विभागीय लेटरपैड पर एक प्रमाणपत्र बना दिया, जिसमें लिखा- माननीय मंत्री बेबीरानी मौर्य के लिए कुछ सामान शासकीय कार्य में गाड़ी संख्या यूपी 11 बीटी- 8347 में सहारनपुर से माननीय मंत्री आवास आगरा जा रहा है। अत: आपको सूचित किया जाता है कि उक्त गाड़ी को किसी प्रकार के अवरोध एवं टोल टैक्स से मुक्त करने का कष्ट करें। अधिक जानकारी के लिए कैबिनेट मंत्री के निजी सहायक संजय के मोबाइल नंबर 9410406030 पर संपर्क किया जा सकता है।

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अब यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जो चर्चा का विषय बना है। इस संबंध में मंत्री के निजी सहायक संजय का कहना है कि सहारनपुर से क्या सामान मंत्री के आवास पर आगरा भेजा गया है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

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उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी का कहना है कि माननीय मंत्री गत माह जिले में दौरे पर आई थीं। तब उन्होंने यहां पर लकड़ी का कुछ सामान खरीदा था। उनके यहां से फोन आया था कि सामान गाड़ी में यहां से आगरा जाना है। रास्ते में कोई परेशानी न हो और टोल टैक्स न लिया जाए, इसलिए एक पत्र लिख कर दे देना। विभाग की अधिकारी होने के नाते मैंने उक्त प्रमाणपत्र बना कर गाड़ी के चालक को दिया था।
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