अब यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जो चर्चा का विषय बना है। इस संबंध में मंत्री के निजी सहायक संजय का कहना है कि सहारनपुर से क्या सामान मंत्री के आवास पर आगरा भेजा गया है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
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उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी का कहना है कि माननीय मंत्री गत माह जिले में दौरे पर आई थीं। तब उन्होंने यहां पर लकड़ी का कुछ सामान खरीदा था। उनके यहां से फोन आया था कि सामान गाड़ी में यहां से आगरा जाना है। रास्ते में कोई परेशानी न हो और टोल टैक्स न लिया जाए, इसलिए एक पत्र लिख कर दे देना। विभाग की अधिकारी होने के नाते मैंने उक्त प्रमाणपत्र बना कर गाड़ी के चालक को दिया था।