जीएसटी के दायरे में शामिल होने के लिए व्यापारियों को आखिरी मौका दिया जाएगा। एक जून से 15 जून तक विशेष अभियान चलेगा। एक जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा। जिले में अब तक 9843 व्यापारी जीएसटी में माईग्रेट हो गए हैं। वाणिज्यकर विभाग व्यापारियों को जागरूक करने के लिए शिविर भी लगा रहा है।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्रर के. मिश्रा, ओपी रतूड़ी एवं असिस्टेंट कमिश्नर दिव्येंद्र शेखर गौतम ने पत्रकारों से वार्ता में बताया कि व्यापारियों पर अब तक 17 प्रकार के टैक्स थे। अब इन सब के स्थान पर जीएसटी लगाया जा रहा है। जिले में 14 हजार व्यापारी हैं, जो टैक्स के दायरे में हैं। इनमें से 12914 ने जीएसटी का फार्म भरा है।
अभी तक 9843 माईग्रेट हो गए हैं। लगभग 80 प्रतिशत व्यापारी जीएसटी में माईग्रेट हो गए हैं। असिस्टेंट कमिश्नर एवं जिले के नोडल अधिकारी दिव्येंद्र शेखर गौतम ने बताया कि अब ऑनलाइन माल बेचने वाले भी जीएसटी के दायरे में आ गए हैं। इन पर एक प्रतिशत टीसीएस अलग से लगेगा, जो व्यापारी जीएसटी में माइग्रेट होने से रह गए हैं, उनके लिए एक से 15 जून तक अभियान चलाया जाएगा।
व्यापारियों के लिए जीएसटी में शामिल होने का यह आखिरी मौका है। उन्होंने बताया कि 20 लाख से कम का व्यापार करने वालों को जीएसटी में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है। जीएसटी लागू हो जाने से पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था हो जाएगी। चीजों को लेकर प्रदेशों में अलग-अलग टैक्स की समस्या समाप्त हो जाएगी।
नए कानून से उपभोक्ता को होगा लाभ
मुजफ्फरनगर। डिप्टी कमिश्नर के. मिश्रा ने बताया कि जीएसटी के लागू हो जाने से उपभोक्ता को लाभ होगा। 70 से ज्यादा आवश्यक वस्तुओं को कर से मुक्त रखा गया है। अब वस्तुओं पर टैक्स कम हो जाएगा। सरकार को भी अधिक लाभ होगा और उपभोक्ताओं को भी बचत होगी।
गठरी व्यापार का होगा खात्मा
मुजफ्फरनगर। जीएसटी लागू हो जाने के बाद दिल्ली और यूपी में वस्तुओं के एक जैसे रेट हो जाएंगे। दिल्ली से नंबर दो में माल लाने का लंबे समय से चल रहा धंधा समाप्त हो जाएगा। गठरी व्यापार यहां लंबे समय से चल रहा है। जीएसटी के लागू होने से यह स्वत: ही समाप्त हो जाएगा।