50 प्रतिशत संख्या के साथ कक्षाओं में छात्रों के बैठने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। शासन के आदेश के बाद बुधवार (आज) से सभी छोटे बड़े दीनी इदारों में भी तालीमी सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड गाइडलाइन के मुताबिक 50 प्रतिशत संख्या के साथ कक्षाओं में छात्रों के बैठने का इंतजाम किया गया है।
शासन के आदेशानुसार सभी दीनी इदारों में साफ सफाई से लेकर कक्षाओं में छात्रों के बैठने तक की तमाम तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। दारुल उलूम में तालीमी सिलसिला शुरू होने को लेकर मंगलवार को कक्षाओं में साफ सफाई कराने के साथ ही वहां पर सैनिटाइजेशन कराया गया। संस्था के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के अशरफ उस्मानी ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के मद्देनजर इस वर्ष भी नए प्रवेश नहीं लिए गए हैं। लगभग 1800 से दो हजार छात्र ही संस्था में तालीम हासिल करेंगे। वहीं, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने बताया कि संस्था में सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
181 छोटे बड़े मदरसे छात्रों को पढ़ाने के लिए तैयार
देवबंद। नगर एवं आसपास देहात क्षेत्रों में छोटे बड़े दीनी इदारों की संख्या करीब 180 है। इसमें 170 छोटे (प्राइमरी) मदरसे हैं, जबकि 11 बड़े मदरसे हैं। जिसमें दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ सहित अन्य मदरसे शमिल हैं। मदरसा रहीमिया के मोहतमिम मौलाना असगर व जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ही छात्रों को संस्था में बुलाया गया है।
शेखुल हदीस बनने के बाद पहला दर्स देंगे मोहतमिम नोमानी
देवबंद। शेखुल हदीस बनने के बाद दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बुधवार को छात्रों को पहला दर्स (पाठ पढ़ाना) देंगे। छात्रों में भी इसको लेकर काफी उत्साह है। क्योंकि मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी के इंतकाल के बाद करीब दस माह पूर्व संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक में मौलाना अबुल कासिम नोमानी को शेखुल हदीस बनाया गया था।