देवबंद (सहारनपुर)। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सुझाव का उलमा ने स्वागत किया है। उलमा का कहना है कि यह हम पिछले कई वर्षों से कहते आ रहे हैं कि गाय आस्था से जुड़ा मामला है। इसलिए सरकार इसको राष्ट्रीय पशु घोषित करे।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाले केंद्र सरकार को दिए सुझाव को स्वागत योग्य करार दिया। उन्होंने कहा कि गाय को लेकर हाईकोर्ट ने जो टिप्पणी की है वह सराहनीय है और इस पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। हम पिछले कई वर्षों यह मांग करते रहे हैं कि गाय आस्था से जुड़ा मामला है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे। वहीं, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी भी बहुत पहले गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठा चुके हैं। करीब दो वर्ष पूर्व मौलाना मदनी ने सरकार से यह मांग की थी।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का बयान निंदनीय : गोरा
देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान की निंदा की है। उनका कहना है कि नसीरुद्दीन शाह ने जो बयान दिया है कि हिंदुस्तान का इस्लाम और अफगानिस्तान का इस्लाम दोनों अलग-अलग हैं। इस तरह का बयान देना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया का इस्लाम एक है जो कुरआन और हदीस को मानता हो वही इस्लाम है। नसीरुद्दीन शाह को अगर चर्चाओं में रहने का शौक है तो वह अच्छे कार्य करके चर्चा में रहें, हमे कोई एतराज नहीं है। लेकिन इस तरह के बयान देना निंदनीय है।