गन्ने के बकाया भुगतान के बदले चीनी की मांग को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने बजाज चीनी मिल भैंसाना में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब-जब उन्होंने गन्ना दिया तब-तब के भाव से ही उन्हें चीनी दी जाए।
चीनी मिल का कोई अधिकारी धरने के बीच नहीं पहुंचा। इससे उत्तेजित किसानों ने चीनी मिल गोदाम का ताला तोड़ दिया। एसडीएम और सीओ ने हस्तक्षेप करते हुए कार्यकर्ताओं को रोका। कार्यकर्ताओं के बीच एसडीएम ने कहा कि वे इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान कराऐंगे।
किसानों के गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को चीनी मिल में पहुंचकर धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार गन्ना तौलने के 15 दिन के अंदर किसान को भुगतान दिया जाए।
किसानों का कहना है कि चीनी मिल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। जब किसानों ने इस सत्र में गन्ना डालना चालू किया उस समय चीनी का भाव 2400-2500 रुपये कुंतल था। उन्हें उसी समय के भाव के अनुसार भुगतान के बदले चीनी दी जाए।
धरना स्थल पर चीनी मिल के किसी अधिकारी के न आने पर नाराज कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल गोदाम के ताले तोड़ दिए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ पुलिस बल के साथ चीनी मिल पहुंचे। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी मांग के अनुसार वे जिलाधिकारी से वार्ता करेंगे।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने समस्या का समाधान न होने तक अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की। भाकियू के तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने कहा कि उनका चीनी मिल पर क्रमिक धरना जारी रहेगा। इस दौरान सतेंद्र, बिजेंद्र, सुधीर, मांगेराम पंवार, मंगलू, रणवीर, देवेश, विदुर, मोहम्मद अहमद आदि मौजूद रहे।