पुरा बिजलीघर को 132 केवीए बिजलीघर खतौली से जोड़ने के लिए करीब चौदह घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। विद्युत लाइन के बीच खडे़ पेड़ काटने के लिए क्षेत्र के छह बिजलीघर को बंद करना पड़ा। जिस कारण छह बिजलीघरों से जुडे़ करीब 180 ग्रामों की विद्युत आपूर्ति घंटे तक बाधित रही।
जबकि विद्युत विभाग ने केवल दस घंटे बिजली आपूर्ति बंद करने की बात कही थी। इतने घंटे बिजली आपूर्ति बंद होने से नगरवासियों सहित गांव के लोग गरमी से बिलबिला उठे। इतना ही नहीं बिजली आपूर्ति बंद होने से नगर में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही।
ऊर्जा निगम अधिकारियों के मुताबिक पुरा बिजलीघर को 132 केवीए खतौली बिजलीघर से जोड़ने के लिए लाइन डाली जा रही है। जिसके लिए विद्युत लाइनों के बीच आने वाले पेड़ों का काटना अनिवार्य हो गया था। इसलिए सोमवार की सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। बिजली कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति बंद करने के बाद विद्युत लाईन के बीच आने वाले एक दर्जन से अधिक पेड़ों को काटने का कार्य शुरू कर दिया था।
रविवार को एसडीओ ट्रांसमिशन राजीव भट्ट तथा एसडीओ खतौली मनोज कुमार ने बताया था कि पेड़ काटने के दौरान सोमवार की सुबह आठ से शाम छह बजे तक सिकंदरपुर, टोडा, पमनावली, तिसंग, नगर तथा देहात फीडर बिजलीघर बंद किए जाएंगे। जिस कारण उक्त बिजलीघरों पर लगे 180 ग्रामों में दस घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो सकेगी।
कर्मचारियों द्वारा पेडों का काटने का कार्य रात आठ बजे तक चलता रहा। करीब 10 बजे तक भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। इस तरह से दस घंटे के बजाए नगर एवं 180 गांवों में तेरह घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। माह मई में भीषण गरमी पड़ने से बिजली के बिना लोग बिलबिला उठे। घरों में लगे इंवर्टर बैटरे भी सोमवार को दोपहर तक ही जवाब दे चुके थे।
मकानों में गरमी की वजह से घुटने होने से लोगों को सांस तक लेना मुश्किल हो रहा था। शाम के समय लोग अपने घरों से बाहर निकले, लेकिन गरमी से राहत नहीं मिल सकी। दिन में बिजली नहीं होने से व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित रहा। नगर के छोटे व बडे़ उद्योग बिजली की वजह से बंद रहे। हालांकि सोमवार की साप्ताहिक छुट्टी होने की वजह से कुछ व्यापारियों ने अपनी दुकानें व कारखाने बंद रखे थे।
इतना ही नहीं नगरपालिका प्रशासन भी कई मोहल्लों में बिजली नहीं आने की वजह से पेयजल आपूर्ति नहीं कर सकी। जिस कारण कई मोहल्ले लोग पेयजल पानी तक के लिए तरस गए। रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों का ठंडी बोतल नहीं मिल सकी।